झारखंड सरकार पुराने जीएसटी, वैट और अन्य कर विवादों के समाधान के लिए नई कर समाधान योजना ला रही है। 3732 करोड़ रुपये बकाया है।
Tax Settlement Scheme रांची: झारखंड सरकार व्यापारियों को विवादित जीएसटी, वैट और अन्य करों के बकाये का एकमुश्त भुगतान कर पुराने मामलों को खत्म करने का एक और मौका देने जा रही है। इसके लिए कर समाधान योजना लाने की तैयारी पूरी कर ली गयी है। योजना के तहत बकाया कर का एकमुश्त भुगतान करने पर पेनाल्टी और अन्य देनदारियों में छूट दी जा सकती है। सरकार और करदाता के बीच समझौते के बाद वर्षों से लंबित कर विवादों का समाधान किया जाएगा। वाणिज्य कर विभाग द्वारा प्रशासित विभिन्न अधिनियमों के तहत वर्ष 2021-22 तक निर्धारित कर और ब्याज की कुल बकाया राशि 3732 करोड़ रुपये है। सरकार को उम्मीद है कि नई योजना के जरिए पुराने मामलों का निपटारा होने के साथ राजस्व की भी वसूली होगी।
Tax Settlement Scheme: पहले भी लागू हो चुकी है कर समाधान योजना
झारखंड सरकार ने वर्ष 2015 में भी कर समाधान योजना लागू की थी, लेकिन उस योजना को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। उस समय विवादित मूल कर बकाये में छूट नहीं दी गयी थी। हालांकि, पेनाल्टी में कुछ माफी का प्रावधान किया गया था। इसके बाद वर्ष 2022 में झारखंड कर समाधान अधिनियम लाया गया। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 6293 वादों का समाधान किया गया और सरकार को 329 करोड़ रुपये की वसूली हुई। इनमें सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, विभिन्न न्यायाधिकरणों और अपीलीय प्राधिकारों में लंबित मामले भी शामिल थे।
मुख्य खबर के पांच प्रमुख बिंदु:
झारखंड सरकार नई कर समाधान योजना लाने की तैयारी में है।
वर्ष 2021-22 तक कर और ब्याज की कुल बकाया राशि 3732 करोड़ रुपये है।
एकमुश्त भुगतान करने पर पेनाल्टी और अन्य देनदारियों में छूट मिल सकती है।
2023-24 में पिछली कर समाधान व्यवस्था से 6293 मामलों का निपटारा हुआ था।
जीएसटी से पहले के प्रवेश कर, मनोरंजन कर और विज्ञापन कर समेत कई पुराने विवाद योजना के दायरे में आएंगे।
Tax Settlement Scheme: दूसरे राज्यों की सफलता से सरकार को मिला भरोसा
झारखंड में नई कर समाधान योजना लाने के पीछे दूसरे राज्यों में ऐसी योजनाओं से हुई वसूली को भी अहम कारण माना जा रहा है। मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र में कर विवादों के समाधान के लिए ऐसी योजनाएं लागू की गयी हैं। इन राज्यों में योजनाओं के जरिए पुराने कर मामलों का निपटारा और राजस्व वसूली होने से झारखंड सरकार को भी इस व्यवस्था को दोबारा लागू करने का भरोसा मिला है। योजना का उद्देश्य लंबे समय से चल रहे मुकदमों को कम करना और व्यापारियों को विवाद खत्म करने का अवसर देना है।
Tax Settlement Scheme: इन कर विवादों और मामलों को योजना में किया जाएगा शामिल
प्रस्तावित कर समाधान योजना के तहत कर, ब्याज और पेनाल्टी से जुड़े विवादों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा कर निर्धारण और पुनर्कर निर्धारण आदेश से जुड़े मामले भी योजना के दायरे में आ सकते हैं।अपील, पुनरीक्षण, पुनर्विलोकन और रेफरेंस से जुड़े मामलों के अलावा रिट पिटीशन तथा विशेष अनुमति से दाखिल याचिकाओं से संबंधित विवादों को भी समाधान के दायरे में लाने की तैयारी है। जीएसटी लागू होने से पहले के कर कानूनों से जुड़े विवादों को योजना में शामिल किया जाएगा। इनमें प्रवेश कर, होटल विलास वस्तु कर, मनोरंजन कर, विज्ञापन कर और बिहार विद्युत शुल्क अधिनियम से जुड़े मामले प्रमुख हैं।
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