मुख्यमंत्री से आग्रह-डुमरी उपचुनाव से दूर रखें कांग्रेस अध्यक्ष को वरना मनहूसियत का सामना होगा- आलोक कुमार दूबे

  • दो साल में प्रदेश अध्यक्ष की व्यक्तिगत हैसियत में बेमिसाल बढ़ोत्तरी हुई है – आलोक कुमार दूबे
  • पार्टी के लिए दो साल संघर्षपूर्ण, दोषपूर्ण, असंतोष का भाव रहा – लाल किशोर नाथ शाहदेव
  • प्रदेश अध्यक्ष की वजह से पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है, रामगढ़ उपचुनाव उदाहरण – लाल किशोर नाथ शाहदेव
  • प्रदेश अध्यक्ष ने खंड खंड में बांट दिया है संगठन को – डॉ राजेश गुप्ता छोटू
  • प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी के आंखों में धूल झोंक रहे हैं – डॉ राजेश गुप्ता छोटू

रांचीः प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दूबे ने कहा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 10 लोगों से दो साल बेमिसाल के नारे लगवा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश अध्यक्ष को सोते समय अपने कार्यकाल का आकलन करना चाहिए तब उन्हें समझ आयेगा करेंगे कि पार्टी के लिए पिछला दो साल संघर्षपूर्ण, दोषपूर्ण, असंतोष का भाव, यहां तक कि पार्टी का जनाधार भी कमजोर हुआ है। 2 साल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की व्यक्तिगत हैसियत में एवं पारिवारिक सदस्यों की हैसियत में बेमिसाल बढ़ोत्तरी हुई है।

आलोक दूबे ने कहा 22 वर्षों में पहली बार जब पार्टी सत्ता में आई है तो संगठन की भूमिका और बढ़ जाती है।जन घोषणा पत्र में जनता से किए हुए वायदे को पूरा करने की चुनौती तो दूसरी ओर सरकार के द्वारा किए गए कार्यों को जनता तक पहुंचाना और सरकारी योजनाओं का लाभ जनता को दिलाना यही महत्वपूर्ण कार्य संगठन की होती है और इन दोनों कार्यों में प्रदेश अध्यक्ष विफल रहे हैं। यहां तक कि संगठन की कार्य शैली पर पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में भी चर्चा हुई थी और हमारे नेता राहुल गांधी जी ने भी संगठन के कार्यों को लेकर टिप्पणी की थी।

जनता से किए गये चुनावी वादों को पूरा नहीं करना, सरकार पर इसके लिए कोई प्रयास नहीं करना,दवाब नहीं बनाना प्रदेश अध्यक्ष की सबसे बड़ी विफलता है। प्रदेश अध्यक्ष जब कभी भी मुख्यमंत्री के पास जाते हैं अपने किसी स्वजातीय या रिश्तेदार के ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए जाते हैं या फिर आरपीएन सिंह के चहेते को बोर्ड या निगम में स्थान दिलाने के लिए जाते हैं। राज्य की जनता ने कभी जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से या किसी पदाधिकारी से बात करते हुए नहीं देखा है। जन घोषणा पत्र में किया गया एक वायदा प्रदेश अध्यक्ष बताऐं कि इनके प्रयासों से पूरा हुआ हो, ऐसा हमने तो नहीं देखा है। प्रदेश अध्यक्ष जिस सरकार से तनख्वाह लेते हैं,गाड़ी लिए हैं,गाड़ी में तेल लेते हैं,सुरक्षा एस्कॉर्ट लेते हैं, सरकारी आवास का भी लाभ ले रहे हैं ऐसे में अगर कानून व्यवस्था खराब है तो प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत नहीं है कि वे सरकार से आंख मिलाकर बात कर सकते हों।

पार्टी के लिए दो साल संघर्षपूर्ण, दोषपूर्ण, असंतोष का भाव रहा

कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष के कार्यकाल में गुटबाजी को बढ़ावा मिला,पूरे प्रदेश में अराजकता बढ़ी है,नाराजगी है,आक्रोश है,मारपीट हो रही है, राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पुतले तक जलाये गये हैं। वरिष्ठ,अनुभवी और संघर्षशील पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन से दूर रखा गया है जिसका खामियाजा संगठन को उठाना पड़ रहा है।प्रदेश अध्यक्ष पार्टी नहीं किसी व्यक्ति के एजेंडा को पूरा करने के लिए संगठन का उपयोग करते हैं, इसलिए पार्टी का कार्यक्रम या तो सिर्फ़ कोरम पूरा किया जाता है या पूरी तरह से बदल दिया जाता है।
किशोर शाहदेव ने कहा सरकार में 17 विधायकों के साथ गठबंधन में होने के बावजूद किसी भी योजना का नाम कांग्रेस के विभूतियों के नाम पर अंकित नहीं है।

किशोर शाहदेव ने कहा रामगढ़ उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी की हार यह साबित करने के लिए काफी है कि पार्टी ने अपना जनाधार खो दिया है। प्रदेश अध्यक्ष और अगर प्रदेश अध्यक्ष डुमरी उपचुनाव में प्रचार करने गये तो वहां भी स्थिति खराब हो सकती है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि प्रदेश अध्यक्ष को डुमरी उपचुनाव से दूर रखें वरना हार का सामना करना पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष केन्द्रीय नेतृत्व के आंखों में सिर्फ धूल झोंकने का काम करते हैं और अपनी विफलताओं को किसी दूसरे पर थोपने का काम करते हैं,अपने ही मंत्रियों को समय समय पर हटाने की धमकी देते हैं। देश में यह पहले प्रदेश अध्यक्ष होंगे जो अपने ही विधायकों को जेल भेजने का काम किया। उन्होंने कहा झारखंड कांग्रेस संगठन की वस्तुस्थिति से हाईकमान पूरी तरह से अवगत हैं और बहुत जल्द पार्टी निर्णय करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने खंड खंड में बांट दिया है संगठन को

वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा पूरे राज्य में कहीं भी प्रदेश अध्यक्ष के 2 साल कार्यकाल को लेकर उत्साह देखने को नहीं मिला। पार्टी के लिए बोझ हैं प्रदेश अध्यक्ष जो लगातार घूम घूमकर कहते फिर रहे हैं कि मैं रहूं या ना रहूं,1100 वोट लाकर एवं दूसरे पार्टी से आकर मैं प्रदेश अध्यक्ष बन गया,मंत्री का दर्जा मिल गया और अब क्या चाहिए। डॉ गुप्ता ने कहा कांग्रेस जनों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिल्ली कूच करेगा।

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