पटना : बिहार सरकार के उद्योग विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में आज उद्योग विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न इन्क्यूबेशन सेंटर्स के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभाग के सचिव कुंदन कुमार, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य बिहार में स्टार्टअप, नवाचार एवं उद्यमिता इकोसिस्टम की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर उसे और अधिक सुदृढ़ करने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना था।
’22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स के माध्यम से अबतक कुल 90 विद्यार्थियों/स्टार्टअप्स का चयन किया गया है’
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 22 इन्क्यूबेशन सेंटर्स के माध्यम से अबतक कुल 90 विद्यार्थियों/स्टार्टअप्स का चयन किया गया है। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर्स द्वारा हजारों मेंटरशिप सत्रों का आयोजन किया गया है, जिनमें BAU सबौर, IIT पटना, CIMP पटना एवं AMITY पटना का योगदान उल्लेखनीय रहा। वर्तमान में इन्क्यूबेशन सेंटर्स से 300 से अधिक मेंटर्स जुड़े हुए हैं, जो स्टार्टअप्स को तकनीकी, प्रबंधकीय एवं बाजार से जुड़ा मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाए, ताकि नवोदित उद्यमियों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके।

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के स्टार्टअप इकोसिस्टम का तुलनात्मक अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए – दिलीप जायसवाल
उन्होंने निर्देश दिया कि देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों के स्टार्टअप इकोसिस्टम का तुलनात्मक अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए तथा उनकी सफल कार्यप्रणालियों (Best Practices) को बिहार में लागू किया जाए। मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के इन्क्यूबेशन सेंटर्स के प्रतिनिधि देश के अग्रणी इन्क्यूबेशन सेंटर्स, जैसे IIT मद्रास रिसर्च पार्क, SINE–IIT बॉम्बे, टी-हब हैदराबाद आदि का भ्रमण करें, ताकि उभरती तकनीकों, नवाचारों एवं सफल व्यवसायिक मॉडलों से सीख लेकर उन्हें बिहार में अपनाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने उद्योग विभाग एवं इन्क्यूबेशन सेंटर्स को इन्क्यूबेशन इकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण हेतु CSR फंड्स के समेकन के लिए संयुक्त प्रयास करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा- उद्योग विभाग इन्क्यूबेशन सेंटर्स के साथ नियमित समीक्षा एवं समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगा
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर्स को सरकार की ओर से सभी प्रकार का वित्तीय एवं गैर-वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि अवसंरचना विकास, तकनीकी सुविधाओं, मेंटरशिप, प्रशिक्षण एवं इकोसिस्टम से जुड़ी सभी आवश्यकताओं के लिए उद्योग विभाग पूर्ण सहयोग करेगा। अंत में मंत्री ने कहा कि उद्योग विभाग इन्क्यूबेशन सेंटर्स के साथ नियमित समीक्षा एवं समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित करेगा कि बिहार को स्टार्टअप और नवाचार का अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
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अंशु झा की रिपोर्ट
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