बंगला विवाद पर राजद ने दोहरे मापदंड का लगाया आरोप, बीजेपी ने दिया जबाब
पटना : राजद ने जदयू के दो सांसदों देवेश चन्द्र ठाकुर और संजय झा के साथ ही केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के संबंध में भवन निर्माण विभाग से पूछा है कि उनके पटना स्थित सरकारी आवासों को कब तक खाली कराएगा। अंतिम तिथि बताएं।
राजद ने पूछा क्या होगी राशि की वसूली
राजद प्रवक्ता नवल किशोर यादव ने विभाग को लिखे पत्र में कहा है कि यदि नियम सबके लिए समान हैं तो फिर जदयू सांसदों और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के मामले में अलग मापदंड क्योकि अपनाए जा रहे हैं। यदि नियमों के तहत तय अवधि के बाद कोई सरकारी आवास में रहता है तो उससे 10 गुना तक अधिक राशि वसूला जाती है। क्या इन नेताओं से भुगतान लिया जा रहा है या फिर उन्हें विशेष छूट दी गई है। इन बंगलों से नेताओं का इतना मोह क्यों है। लालू-राबड़ी आवास (10 सर्कुलर रोड) खाली कराए जाने से खिन्न राजद ने पूछा है कि उन 3 नेताओं से कितनी गुना अतिरिक्त वसूली की गई है।
राजद के बयान पर बीजेपी ने बताया राजनीतिक दिवालियापन और ध्यान भटकाने की साजिश
वहीं राजद के सवाल पर बीजेपी ने पलटवार करते हुये कहा कि राजद का यह बयान महज राजनीतिक दिवालियापन और ध्यान भटकाने की साजिश है। जीतन राम मांझी जी केंद्रीय मंत्री और गया से सांसद हैं, उन्हें दिल्ली में सरकारी आवास आवंटित है, जबकि पटना में पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में वैध सरकारी सुविधा मिली हुई है। संजय झा जी जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद हैं, उन्हें विधान परिषद सदस्य के रूप में आवंटित आवास में रहने का पूरा अधिकार है। देवेश चंद्र ठाकुर जी सीतामढ़ी से सांसद हैं और पहले विधान परिषद के सभापति रह चुके हैं – उनका आवास भी नियमों के तहत आवंटित है।
राजद को शर्म आनी चाहिए कि वे खुद सरकारी आवास पर कब्जा जमाए है और सिर्फ परिवारवाद और भ्रष्टाचार बचाने के लिए झूठ फैला रहे हैं। आपको आदेशानुसार बंगला खाली करना चाहिए।
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