जिस रोबिन मिंज को गुजरात टाइटंस ने तीन करोड़ 60 लाख में खरीदा उसके पैतृक गांव में टीवी तक नहीं 

गुमला: आईपीएल ऑक्शन में गुमला के रोबिन मिंज का जलवा ,गुजरात टाइटंस ने तीन करोड़ 60 लाख रुपए

में खरीदा,इस खबर के बाद उसके गुमला स्थित पैतृक गांव में काफी खुशी का माहौल दिख रहा है.

गांव में किसी के घर टीवी तक नहीं है जिसके कारण रोबिन के मैच नहीं देख पाने का उसके परिवार के लोगो मे दुख का भी माहौल देखने को मिल रहा है।गुमला जिले को खेल नगरी के रूप में जाना जाता है।

गुमला से फुटबॉल,हॉकी, एथलेटिक्स इत्यादि खेलों में एक से बढ़कर खिलाड़ी पंचायत स्तर से लेकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाते आ रहे हैं.वहीं दूसरी ओर बात करें तो क्रिकेट के क्षेत्र में गुमला जिला गुमनाम था. लेकिन इस बार के आईपीएल के ऑक्शन में क्रिकेट के क्षेत्र में गुमला जिला का भी नाम गूंज उठा।

नाम हो भी क्यों न,गुमला के रायडीह प्रखंड के एक छोटे से गांव सिलम पांदनटोली गांव के लाल रोबिन मिंज को आज की आईपीएल ऑक्शन में गुजरात टाइटंस की टीम ने तीन करोड़ 60 लाख रुपए में खरीदा है.जिससे पूरे गुमले जिले में हर्ष का माहौल है।

रोबिन के पिता फ्रांसिस जेवियर मिंज फौज में है.जबकि मां एलिस मिंज गृहिणी है.रोबिन पिछले तीन सालों से गुमला जिला क्रिकेट एसोसिएशन के लिए खेल रहे हैं।

बताते चलें कि रॉबिन नवंबर माह में मुंबई इंडियंस के कैंप के लिए इंग्लैंड गए हुए थे. जहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था.और लगातार राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है।

वह अपने जीवन में पहली बार आईपीएल ऑक्शन में भाग ले रहा था.एवम उसमें मुंबई इंडियंस,चेन्नई सुपर किंग्स,सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस ने बोली लगाई.और अंततः उसके प्रदर्शन के देखते हुए गुजरात टाइटंस ने तीन करोड़ 60 लख रुपए में रॉबिन को खरीदा।

आईपीएल में गुजरात के द्वारा खरीदने के साथ ही गुमला में खुशी की लहर दौड़ गई है.एवम बधाई का सिलसिला जारी हो गया है.रोबिन के पैतृक गांव में रहने वालों में खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है उसके भाई व भाभी काफी खुश है लेकिन उन्हें इस बात का मलाल है कि उनके घर मे टीवी भी नहीं जिससे वह मैच देख सके।

वही रोबिन की इस सफलता के बाद लोग उसके संघर्ष को याद कर काफी खुश हो रहे है उसके एक भाई ने बताया कि वह उस लकड़ी के टुकड़े से अभ्यास किया करता था जिससे उसकी मां खाना बनाती थी वही गांव के उसके सगे संबंधियों ने बताया कि रोबिन इसी गली में प्लास्टिक के बाल स अभ्यास करता था लेकिन आज उसकी सफलता उन्हें काफी प्राउड करवा रही है।

ग्रामीण मानते है कि ऐसे तो हर वर्ष क्रिसमस का पर्व आता है लेकिन इस बार का उनका क्रिसमस का पर्व काफी खुशियों का सौगात लेकर आया है क्योंकि उसके गांव घर का बेटा वह कर दिया जो कोई सोच भी नहीं सकता है। रोबिन मिंज के सम्बन्धी गुमला गांव के साथ परिवार की स्तिथि को देखकर कोई सोच भी नहीं सकता है कि इसी जमीन पर पला बढ़ा बच्चा आज इस मुकाम पर पहुच गया है निश्चित रूप से रोबिन की सफलता से पूरा गुमला व झारखंड गौरव महसूस कर रहा है।

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