झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को नेमरा में होगा। सुबह 9 बजे तक मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन होंगे।
Roopi Soren Last Rites रांची: झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि दिवंगत रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को नेमरा के बरलंगा गांव में किया जायेगा। अंतिम संस्कार से पहले पार्थिव शरीर को मोरहाबादी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। सुबह नौ बजे तक लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से नेमरा ले जाया जायेगा।
Roopi Soren Last Rites: दोपहर 12 बजे नेमरा में होगा अंतिम संस्कार
रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को दिन में करीब 12 बजे नेमरा के बरलंगा गांव में किया जायेगा। यह वही स्थान है, जहां उनके पति और झामुमो के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार किया गया था।
अंतिम संस्कार में परिवार के सदस्यों, झामुमो नेताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की संभावना है। मोरहाबादी आवास से पार्थिव शरीर को नेमरा ले जाने की तैयारी की जा रही है।
Key Highlights
- रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को नेमरा में होगा।
- सुबह 9 बजे तक मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन होंगे।
- इसके बाद पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से नेमरा ले जाया जायेगा।
- दोपहर 12 बजे बरलंगा गांव में अंतिम संस्कार होगा।
- छोटे पुत्र बसंत सोरेन सिंगापुर से गुरुवार सुबह रांची पहुंचेंगे।
Roopi Soren Last Rites: सुबह 9 बजे तक अंतिम दर्शन
रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को गुरुवार सुबह नौ बजे तक मोरहाबादी स्थित आवास में अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा। इसके बाद अंतिम यात्रा नेमरा के लिए रवाना होगी।
Roopi Soren Last Rites: सिंगापुर से आज रांची पहुंचेंगे बसंत सोरेन
रूपी सोरेन के छोटे पुत्र और विधायक बसंत सोरेन फिलहाल सिंगापुर में हैं। उन्हें अपनी मां के निधन की सूचना मिल चुकी है। विधायक अमित महतो के अनुसार, बसंत सोरेन गुरुवार सुबह करीब नौ बजे तक रांची पहुंच जायेंगे।
उनके रांची पहुंचने के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए नेमरा ले जाया जायेगा। परिवार के सदस्यों के रांची पहुंचने के साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Roopi Soren Last Rites: नेमरा में जुटेंगे परिजन और समर्थक
रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार को लेकर नेमरा में तैयारियां की जा रही हैं। अंतिम संस्कार बरलंगा गांव में दोपहर 12 बजे निर्धारित किया गया है। परिवार के लिए नेमरा से सोरेन परिवार का पुराना संबंध रहा है और यहीं शिबू सोरेन का भी अंतिम संस्कार हुआ था।


















