हजारीबाग के लूपुंग पैक्स में धान खरीद में बड़ा घोटाला उजागर। जिला प्रशासन की जांच में संचालक द्वारा फर्जी खरीद, जमाखोरी और अनियमितताएं मिलीं। कार्रवाई की तैयारी।
Scam Alert: हजारीबाग में धान खरीद व्यवस्था में बड़ा घोटाला उजागर, पैक्स सील की प्रक्रिया शुरू
हजारीबाग: हजारीबाग जिले में कृषि व्यवस्था और किसानों के अधिकारों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने सोमवार को धान अधिप्राप्ति केंद्र – लूपुंग पैक्स – में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। उपायुक्त को मिली शिकायतों के बाद जांच टीम बनाई गई थी, जिसमें व्यापक अनियमितताएं सामने आईं। किसानों के हितों को प्रभावित करने वाली इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है।
Key Highlights
हजारीबाग के लूपुंग पैक्स में धान खरीद में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया
संचालक पर प्रति क्विंटल सात किलो सूखा धान काटने का आरोप
पूरे परिवार के नाम पर कई ID बनाकर धान की फर्जी खरीद
चार जगहों पर अवैध जमाखोरी का खुलासा, स्टॉक का विवरण नहीं मिला
पैक्स खाते पर रोक, सीलिंग प्रक्रिया शुरू – आगे विधिसम्मत कार्रवाई
Scam Alert: जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
उपायुक्त के निर्देश पर गठित टीम ने पाया कि पैक्स संचालक धान खरीद प्रक्रिया में सेंध लगाकर फर्जी तरीके से धान की खरीदारी कर रहा था।
पैक्स खाते के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी गई है
पैक्स को सील करने की प्रक्रिया प्रारंभ
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने धान अधिप्राप्ति केंद्र को बंद करने हेतु पत्र तैयार करने की जानकारी दी
प्रशासन ने साफ कहा है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Scam Alert: किसानों के आरोप: सूखा धान काटना, फर्जी ID और जमाखोरी
किसानों ने आरोप लगाया कि धान अधिप्राप्ति केंद्र का संचालक प्रति क्विंटल धान पर सात किलो सूखा धान काटता था। यही नहीं, संचालक ने फर्जीवाड़े के लिए पूरे परिवार के नाम पर अलग-अलग ID बनवाकर खरीदारी दिखायी।
जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि धान अधिप्राप्ति केंद्र चयन प्रक्रिया से पहले ही वह किसानों से सस्ते दर पर धान खरीदकर चार अलग-अलग स्थानों पर अवैध जमाखोरी कर रहा था।
जब जांच टीम ने किसानों के धान स्टॉक का विवरण मांगा, तो संचालक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
Scam Alert: प्रशासन की सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने कहा कि दोषियों पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन, आरोपियों पर केस दर्ज करने और वित्तीय अनियमितताओं की रिकवरी जैसे कदम संभव हैं।
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