बेतिया : बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने 20 नवंबर को पश्चिम चंपारण स्थित भितिहरवा गांधी आश्रम के एक दिन का मौन उपवास रखा। प्रशांत किशोर ने 21 नवंबर की सुबह 11:15 बजे अपना मौन उपवास समाप्त किया। उन्हें स्कूल की बच्चियों ने जूस पिलाकर उपवास समाप्त करवाया। इसके बाद प्रशांत किशोर मीडिया से मुखातिब हुए।
वे गांधीजी के विचारों व मार्गदर्शन से प्रेरित होकर एक बार फिर व्यापक जनसंपर्क के साथ संवाद का अभियान शुरू करेंगे – प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे गांधीजी के विचारों और मार्गदर्शन से प्रेरित होकर एक बार फिर व्यापक जनसंपर्क और संवाद का अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि 15 जनवरी से वे बिहार के सभी एक लाख 18 हजार वार्डों में जाकर लोगों से सीधे बातचीत करेंगे और ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ के माध्यम से सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा कराएंगे। प्रशांत ने चुनाव के नतीजों को बताया जनता के साथ अन्याय, बोले कि सरकार ने 10-10 हजार रुपए में गरीब परिवारों का वोट खरीदा है, ये बाबासाहब द्वारा निर्मित संविधान के मूल भावना की अवहेलना है।
प्रशांत ने चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा- हाल के नतीजे लोकतंत्र के साथ अन्याय हैं
प्रशांत किशोर ने चुनाव परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हाल के नतीजे लोकतंत्र के साथ अन्याय हैं। उनका कहना था की बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को 10-10 हजार रुपए जैसी रिश्वत देकर उनका वोट खरीदा गया जो लोकतंत्र और बाबासाहब द्वारा निर्मित संविधान की मूल भावना का खुला उल्लंघन है।
पीके ने कहा कि ऐसे नतीजों को स्वीकार करना मुश्किल है और जन सुराज जनता की उम्मीदों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से अपनी भूमिका निभाएगा। प्रशांत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले पांच साल तक अपनी आमदनी का 90 प्रतिशत धन जन सुराज को दान करेंगे। पिछले 20 साल में हमने जो भी संपत्ति अर्जित की है उसमें से अपना एक घर छोड़कर सबकुछ जन सुराज को दान कर देंगे।

प्रशांत का ऐलान, कहा- वे बिहार को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे
प्रशांत किशोर ने आज एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वे बिहार को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और अपने अगले पांच वर्षों की आय का 90 प्रतिशत हिस्सा जन सुराज के कार्यों के लिए दान करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 20 वर्षों में अर्जित अपनी संपत्ति में से वे केवल एक घर रखेंगे और शेष पूरी संपत्ति जन सुराज को समर्पित कर देंगे। उन्होंने कहा की जन सुराज का संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि एक नैतिक और सामाजिक आंदोलन है, और इसके प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूर्ण है।
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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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