TMBU के यूजी सेमेस्टर – 4 की परीक्षा में भड़के छात्र, सिलेबस से बाहर के सवाल पुछने पर किया परीक्षा का बहिष्कार
भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में यूजी सेमेस्टर–4 की हिंदी परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं का सब्र जवाब दे गया। परीक्षा में लगातार आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने से नाराज़ छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से परीक्षा का बहिष्कार कर दिया और सीधे विश्वविद्यालय मुख्यालय पहुंचकर परीक्षा नियंत्रक का घंटों घेराव किया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उदासीनता का लगाया आरोप
छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे पूरे सेमेस्टर सिलेबस के अनुसार तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा में जब पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न पूछे जाते हैं तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि लगातार कई परीक्षाओं में इसी तरह की लापरवाही सामने आ रही है, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और हिंदी विषय की परीक्षा को तत्काल रद्द करने दोबारा सिलेबस के अनुसार परीक्षा कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
छात्रों ने कहा पढ़ाई की गुणवत्ता में गिरावट, सेशन लेट होने से भविष्य अधर में
छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के कारण न सिर्फ परीक्षा की गुणवत्ता गिर रही है, बल्कि सेशन भी लगातार लेट हो रहा है। छात्र-छात्राओं ने साफ कहा कि सेशन लेट होने से आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर सीधा असर पड़ रहा है।
परीक्षा नियंत्रक ने जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की कही बात
ऐसे में विश्वविद्यालय (TMBU) की लापरवाही उनके भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। घेराव और हंगामे के बाद परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों से बातचीत की और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच का भरोसा दिलाया। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि प्रश्न पत्र से जुड़े मामले की जांच के लिए जांच कमेटी का गठन किया जाएगा और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद छात्र-छात्राएं शांत हुए और प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई और न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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अमित रंजन की रिपोर्ट
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