शिक्षा विभाग, बिहार द्वारा विभिन्न शैक्षणिक पहलों हेतु प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर
पटना: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा आज राज्य के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं गैर-सरकारी संगठनों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। उद्घाटन सत्र में शिक्षा विभाग के सचिव अजय यादव ने सभी सहभागी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पहले से ही शिक्षक नियुक्ति, डिजिटल लर्निंग, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने जैसे क्षेत्रों में प्रभावी कदम उठा रही है।
साथ ही, गैर-सरकारी एवं परोपकारी संगठनों के कौशल, अनुभव और संसाधनों का उपयोग कर इन प्रयासों को और सशक्त बनाया जा सकता है। ये संस्थाएं अपने विशिष्ट कौशल और विशेषज्ञता के माध्यम से विद्यार्थियों तक नवाचार, आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक कौशल को तेज़ी से पहुँचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि इन संगठनों के साथ हुए समझौते “अटल टिंकरिंग लैब, कंप्यूटर लैब और समृद्ध पुस्तकालय” जैसी पहलों को नई दिशा देंगे और बिहार के स्कूलों में सीखने के अनुभव को और समृद्ध बनाएंगे।
इस अवसर पर जिन प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौते किए गए, वे हैं
- फिजिक्स वाला (Physics Wallah) – कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं सिमुलतला विद्यालय के कक्षा 9–12 के छात्रों को नि:शुल्क फाउंडेशन से एडवांस स्तर तक JEE/NEET की तैयारी, जिसमें इंटरएक्टिव डिजिटल क्लास, प्रैक्टिस टेस्ट, AI-आधारित डाउट समाधान, PW App का नि:शुल्क उपयोग एवं अध्ययन प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग शामिल है।
- BIG (Bharat Innovation Global) – पूरे बिहार में कक्षा 8 के छात्रों को National Means-cum-Merit Scholarship (NMMS) परीक्षा की नि:शुल्क तैयारी, जिसमें दो वर्षों तक लाइव/रिकॉर्डेड क्लास, उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट, हिंग्लिश माध्यम में तैयारी, प्रैक्टिस एवं मॉक टेस्ट, डाउट समाधान तथा ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के छात्रों पर विशेष ध्यान शामिल है।
- फ्रीडम एडु (Freedom Edu) – Holistic English Language Learning Program के तहत रीडिंग फ्लुएंसी, समझ, मौखिक संवाद और आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु डिजिटल व प्रिंट संसाधन, शिक्षक प्रशिक्षण मॉड्यूल एवं मूल्यांकन उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- गोइंग टू स्कूल (Going to School Fund) – कक्षा 7–12 के छात्रों को जीवन कौशल, डिजिटल स्किल, STEM एवं सतत उद्यमिता सिखाने हेतु साप्ताहिक दो-दिवसीय मॉड्यूल संचालित किया जाएगा — पहला दिन स्टोरी-आधारित गतिविधि, दूसरा दिन डिजिटल प्रोजेक्ट वर्क। इसमें स्थानीय शिक्षकों एवं नोडल अधिकारियों का प्रशिक्षण, बेसलाइन-एंडलाइन सर्वे, वार्षिक मूल्यांकन और “Outdoor School Certificate” प्रदान किया जाएगा। फुटबॉल, खेल गतिविधियों, “Green Business School” और महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रारंभिक चरण में यह कार्यक्रम 12 जिलों में लागू होगा, जिसे आगे विस्तारित किया जाएगा।
- उन्नति फाउंडेशन (SGBS Unnati Foundation) – UNXT कार्यक्रम के तहत बिहार के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त कॉलेजों के अंतिम वर्ष के UG/PG छात्रों को 30 दिन, प्रतिदिन 3 घंटे का जॉब-ओरिएंटेड स्किल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें कक्षा आधारित प्रशिक्षण, 600+ वीडियो व क्विज़ वाले ई-लर्निंग ऐप की मुफ्त पहुँच, 90% उपस्थिति पर डिजिटल प्रमाणपत्र तथा SUF के Udhyogam पोर्टल से नियोक्ताओं तक सीधी पहुँच शामिल है। लक्ष्य है कि कम से कम 70% छात्रों को रोजगार, स्वरोज़गार या उच्च शिक्षा में जोड़ा जाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने कहा कि बिहार में देश के सबसे अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। उन्हें प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे बढ़ने हेतु गुणवत्तापूर्ण संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। इन संगठनों का सहयोग इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बिहार सरकार द्वारा शिक्षा में सुधार हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था और सुदृढ़ हो रही है। इन प्रयासों को और अधिक गति देने के लिए गैर-सरकारी एवं परोपकारी संगठनों की क्षमता, अनुभव और संसाधनों को राज्य के सतत प्रयासों के साथ एकीकृत कर शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और प्रभावशीलता को अभूतपूर्व स्तर तक पहुँचाया जा सकता है।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य के कुल बजट का 20% से अधिक शिक्षा पर व्यय हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि हमारी सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। यह साझेदारी न केवल शिक्षा तंत्र में नवाचार और तकनीक का संचार करेगी, बल्कि विद्यार्थियों के लिए अवसरों के नए द्वार भी खोलेगी। आज के इस MoU कार्यक्रम के अंतर्गत प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के तीनों स्तरों के कार्यों के लिए समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए जा रहे हैं।
बिहार सरकार की साइकिल योजना ने विशेष रूप से बालिकाओं के बीच शिक्षा की पहुँच को उल्लेखनीय रूप से विस्तारित किया है, जिससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। इस पहल की सफलता को देखते हुए अन्य देशों ने भी इसका अध्ययन कर अपने यहाँ लागू किया है। हम चाहते हैं कि प्रत्येक MoU का प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे, और इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग एवं परिणाम-आधारित मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्राथमिक शिक्षा की निदेशक साहिला ने उपस्थित पदाधिकारियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज का यह कदम आपके उज्ज्वल भविष्य की ओर एक नई शुरुआत है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, सचिव अजय यादव, सचिव–सह–निदेशक दिनेश कुमार, BEPC निदेशक मयंक वड़वड़े, शिक्षा परामर्शी बैद्यनाथ यादव एवं पंकज, निदेशक प्राथमिक शिक्षा साहिला एवं निदेशक उच्च शिक्षा प्रो (डॉ) नवीन अग्रवाल सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे
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