पटना : राज्यसभा चुनाव: आरसीपी सिंह को लेकर JDU में सस्पेंस- 5 सीटों पर होने वाले
राज्यसभा चुनाव को लेकर को लेकर बिहार की सियासत गर्म है.
राजद से मिसा भारती और फैयाज अहमद ने अपना नमांकन कर दिया है.
लेकिन बीजेपी और जेडीयू ने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. जिसको लेकर अटकलों का बाजार शुरू है.
जेडीयू आरसीपी सिंह को दूसरी बार राज्यसभा भेजेगी या नहीं इसकी स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है.
उम्मीदवारों का चयन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को करना है.
इस बीच जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि
जिस तरह से जेडीयू ने अनिल हेगड़े का नाम चयनित किया, उसी तरह अन्य उम्मीदवारों की घोषणा की जायेगी.
जेडीयू नेता से जब सवाल किया गया कि क्या आरसीपी सिंह को लेकर जेडीयू में दो फाड़ हो गई है.
ललन सिंह का क्या अलग गुट बनते जा रहा है इसके जवाब में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि
कभी भी जेडीयू में दो फाड़ की स्थिति नहीं रही है और ना आगे रहेगी. नीतीश कुमार के नेतृत्व में जेडीयू आगे बढ़ रही है. बीजेपी जेडीयू पूरी तरह से इंटेक्ट है, आपस में कोई विवाद नहीं है. दोनों के सहयोग से सरकार चल रही है और बेहतर काम भी हो रहा है.
31 मई तक होगा नामांकन
बता दें कि राज्यसभा की 57 सीटों के लिए देश के 15 राज्यों में नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख मंगलवार से शुरू हो गई है. 31 मई तक इन सीटों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं. इनमें बिहार कोटे की पांच सीटें भी शामिल हैं. इनमें चार सीटों पर कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला है, जबकि एक सीट तो पिछले करीब ढाई साल से रिक्त है. इनमें तीन सीटें तो राजनीतिक रूप से काफी मजबूत माने जाने वाले चेहरों से जुड़ी रही हैं. बावजूद इस बार टिकट का गणित किसी भी सीट के लिए अब तक क्लीयर नहीं हो सका है.
आरसीपी सिंह को लेकर सबसे अधिक मगजमारी
जदयू के आरसीपी सिंह के टिकट को लेकर सबसे अधिक मगजमारी हो रही है. वह भी तब, कार्यकाल पूरा करने वाले पांच सांसदों में सबसे अहम जिम्मेदारी उन्हीं के पास है. वे फिलहाल केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हैं. बावजूद इसके जदयू अध्यक्ष ललन सिंह, संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा सहित खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस मसले पर अब तक साफ-साफ कुछ भी बताने से बचते रहे हैं. आरसीपी सिंह भी इस मसले पर कुछ नहीं बोल रहे.
रिपोर्ट : शक्ति
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