बेतिया : राजनीति और प्रशासन के रिश्ते पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जब मनेर के राजद विधायक भाई वीरेंद्र और पंचायत सचिव संदीप कुमार के बीच का कथित ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में विधायक द्वारा पंचायत सचिव को गाली देने और धमकी देने की बात सामने आई है। घटना के बाद संदीप कुमार के पैतृक गांव बेलदारी थाना मुफस्सिल बेतिया में लोगों में भारी आक्रोश है।

संदीप कुमार एक अच्छे स्वभाव का लड़का है – स्थानीय लोग
स्थानीय मोहम्मद अबुलेश कैस और राजिंद्र शर्मा का कहना है कि संदीप कुमार एक अच्छे स्वभाव का लड़का हैं। वहीं गांव वालों का साफ कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की भाषा और व्यवहार करना शर्मनाक है। गांव के लोगों ने विधायक के खिलाफ आक्रोश है और मांग की इस मामले की निष्पक्ष जांच हो।
जो करना है कर लीजिए, हम किसी से नहीं डरते – संदीप कुमार का जवाब वायरल
वहीं वायरल ऑडियो में पंचायत सचिव संदीप कुमार बिना किसी डर के विधायक को जवाब देते सुने जा सकते हैं। संदीप का यह तेवर अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक पद पर बैठे किसी कर्मी का जनप्रतिनिधि के सामने इस तरह का बात रहना साहसिक है।
पिता ने कहा- सर कटा सकते हैं, लेकिन सर नहीं झुका सकते
संदीप कुमार के पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका बेटा काफी संघर्षों के बाद इस मुकाम तक पहुंचा है। संदीप की मां का बचपन में ही देहांत हो गया था। जिसके बाद उसकी परवरिश दादी ने की। उनके पिता भावुक होते हुए कहते हैं कि जब संदीप पढ़ाई करता था तब उसके गुरु जी ने कहा था कि सर कटा सकते हैं, लेकिन सर नहीं झुका सकते। आज वही बात उसने निभाई है।
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राजनीति में भाषा की मर्यादा पर बहस
यह मामला केवल एक ऑडियो तक सीमित नहीं है। बल्कि इसने राजनीति में भाषा की मर्यादा और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। क्या किसी विधायक को अधिकार है कि वह एक अधिकारी को धमकी दे? क्या एक अधिकारी को डराने की कोशिश लोकतंत्र के लिए सही संकेत है?
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दीपक कुमार की रिपोर्ट
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