रांचीः धार्मिक न्यास बोर्ड के फैसले के बाद से राज्य में सियासी हलचल देखने को मिल रही है. धार्मिक न्यास बोर्ड ने राज्य के 15 मंदिर प्रबंधन को नोटिस भेजकर मंदिर कमेटी भंग करने का फैसला लिया है. जिसके अंतर्गत राजधानी का प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर और मेन रोड स्थित महावीर मंदिर है. इसी विषय को लेकर राजधानी रांची के में रोड स्थित महावीर मंदिर के महामंडलेश्वर एवं साधु समाज के द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई.
सनातन संस्कृति को टारगेट करना राजनीति से प्रेरित फैसला
इस प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए महामंडलेश्वर ने बताया कि 1939 से स्थापित मेन रोड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर है. और 1974 से मंदिर में उनके द्वारा सेवा दी जा रही है. परंतु अभी धार्मिक न्यास बोर्ड के आए फैसला जो की वर्तमान मंदिर प्रबंधन कमेटी को भंग करने का है. यह कहीं से भी सार्थकता पूर्ण कदम नहीं है और सिर्फ सनातन संस्कृति को टारगेट कर पूर्ण रूप से राजनीतिक प्रेरित है.
संकट के समय सरकार ने सुध लेने का काम भी नहीं किया
संकट मोचन मंदिर के स्थापना से लेकर न्यास बोर्ड के फैसला आने से पहले और संकट के समय सरकार ने सुध लेने का काम भी नहीं किया गया है. जबकि देश में आए कोरोना काल के समय साधु संतों ने हर संभव प्रयास कर जनसेवा का काम किया इस प्रकार का धार्मिक न्यास बोर्ड का फैसला या संरक्षण की आवश्यकता संकट मोचन मंदिर को नहीं है.
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