एडुकेटिंग अथॉर्टी ने आरोपियों से संपत्ति जब्ती के संबंध में मांगा था पक्ष, आरोपियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू

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रांची: साहिबगंज जिले, झारखंड में हुए अवैध खनन केस के सभी आरोपियों की संपत्ति जल्द जब्त की जाएगी।

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इस मामले में बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश, बच्चू यादव और दाहू यादव भी शामिल हैं।

अवैध खनन के मामले में संलग्न आरोपियों की संपत्ति जल्दी ही जब्त की जाएगी। एडुकेटिंग अथॉर्टी ने आरोपियों से संपत्ति जब्ती के मामले में पक्ष मांगा था।

इकाइयों के सूत्रों के अनुसार, पंकज मिश्रा और अन्य आरोपियों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ईडी ने अब तक सभी आरोपियों की संपत्ति के बारे में जानकारी भी इकट्ठा कर ली है। अवैध खनन से प्राप्त किए गए धन और उस धन से खरीदी गई करोड़ों की अचल संपत्ति भी ईडी जब्त करेगी।

पहले ही ईडी ने प्रोसिड ऑफ क्राइम के तहत प्राप्त हुए पांच करोड़ से अधिक नगद और एक जलयान को जब्त किया था। साथ ही, अधिकांश आरोपियों के बैंक खातों में जमा पैसे के लेन-देन पर पहले से ही प्रतिबंध लगाया गया है।

शीघ्र ही प्रोसिड ऑफ क्राइम द्वारा प्राप्त किया गया धन पूरी तरह जमाकर रख दिया जाएगा। अतीत में, ईडी ने मंगलवार को अवैध खनन मामले में गिरफ्तार पंकज मिश्रा के फंड मैनेजर भगवान भगत, टिंकल भगत और कृष्णा साहा से पूछताछ की।

सुबह 11 बजे, भगवान भगत और टिंकल को ईडी द्वारा रांची जेल से रांची जोनल ऑफिस लाया गया था। दोनों ने अवैध खनन और इसके साथ जुड़े धन लॉन्ड्रिंग के महत्वपूर्ण तथ्यों को खोला है।

सभी ने पंकज मिश्रा को इस अवैध खनन के प्रमुख आरोपी के रूप में मान्यता दी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि पंकज मिश्रा ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके अवैध खनन को चलाया था।

सड़क और जल मार्ग से प्रति ट्रक उसे नकदी प्राप्त होती थी। पैसे की वसूली के लिए पंकज मिश्रा ने अपना एक सिस्टम विकसित किया था, जिसमें सहायक कार्यकर्ता साहिबगंज में सक्रिय थे।

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