गरीब की किस्मत में संघर्ष स्थाई हिस्सा होता है

धरती आबा बिरसा मुंडा से दिशोम गुरु शिबू सोरेन तक चलती रही लड़ाई- हेमंत

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Ranchi-गरीब की किस्मत में संघर्ष स्थाई हिस्सा होता है, ये शब्द है स्थापना दिवस पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन. उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा से दिशोम गुरु शिबू सोरेन तक दलित आदिवासी की लम्बी लड़ाई चली. एक सदी के संघर्ष के बाद हमें झारखंड मिला, लेकिन उसके बाद भी हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, एक अर्से के बाद हमारी सरकार आयी, लगा चलो अब हमारी किस्मत बदलेगी, लेकिन इसी बीच कोरोना का प्रकोप सामने आ गया, जब देश के दूसरे कई हिस्सों में लोग आपाधापी में अपने परिजनों का लाश नदी में फेंक रहे थे, तब भी झारखंड में कोई आपाधामी नहीं मची, सब कुछ सामान्य तरीके से चलता है.

गरीब की किस्मत में संघर्ष स्थाई हिस्सा होता है

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जब तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव नहीं होता, गांव की गरीबी दूर होती तब तक झारखंड की तस्वीर नहीं बदलने वाली है, यही कारण है कि हमारा पूरा जोर गांंव की अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने की है, यही कारण है कि हमारे अधिकारी आज मोटरसाईकिल और ट्रैक्टर पर बैठ कर गांव देहात में जा रहे है, गांव का कायाकल्प करने में अपनी भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं, पिछले 20 वर्षों में नियुक्ति के नाम पर जेपीएससी में खेल होता रहा, जेपीएससी की परीक्षा का नियमित रुप से नहीं ली गयी, लेकिन हमारी सरकरा बनते ही जेपीएससी की परीक्षा नियमित रुप से ली जाने लगी, और आज गांव गरीब घरों की बेटियां अधिकारी बन रही है.

झारखंड पहला राज्य जहां आदिवासी बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा जाता है

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश का पहला राज्य है जहां दलित आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार विदेश भेज रही है, हमारे बच्चे विदेश में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं.

पिछली सरकार के कार्यकलापों पर हमला बोलता हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि

झारखंड बनने के बाद किसी भी सरकार ने यहां के आदिवासी मूलवासियों के काम नहीं किया,

यह राज्य भगवान भरोसे चलता रहा.

लेकिन अब यह स्थिति बदलेगी, हम इस राज्य को भगवान के भरोसो नहीं छोड़ सकते.

अगले पांच साल में हर खेत में पानी हमारा संकल्प

सीएम हेमंत ने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि यह हमारा संकल्प है

कि आने वाले पांच वरसों में झारखंड के हर खेत में पानी पहुंचेगा,

जिसके बाद इस राज्य की तस्वीर बदल जायेगी,

आज जिनके हाथों में राशन कार्ड है, वह खूद ही इसे फाड़ कर फेंक देंगे.

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