धनबाद : शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की सुरक्षा तो भगवान भरोसे ही है….चाहे वह चिकित्सक हो, कर्मचारी हो या मरीज. सभी डर के साए में अपने कार्य को करते हैं. बुधवार को गैंगस्टर फहीम खान के करीबी महताब आलम उर्फ नन्हे की मौत के बाद अस्पताल में उसके समर्थकों और असामाजिक तत्वों ने जमकर बवाल काटा. महिला चिकित्सकों के साथ बदसलूकी तक कर दी. जिसके बाद आक्रोशित जूनियर चिकित्सकों ने कार्य बहिष्कार कर दिया. जिससे अब परेशानी मरीजों को उठानी पड़ रही है.
बीते दिनों के घटनाक्रम को देखा जाए तो अस्पताल में दुष्कर्म, नवजात शिशु की चोरी, ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के साथ मारपीट-हाथापाई, नर्सों के साथ अभद्रता जैसे दर्जनों मामले प्रकाश में आ चुके हैं. हर बार आंदोलन होता है और फिर आंदोलनरत लोगों को प्रबंधन और जिला प्रशासन आश्वासन की घुट्टी देकर शांत करता रहा है.
ऐसे में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मारपीट, बलात्कार, बच्चा-चोरी, मोबाइल-चोरी जैसी घटना आम हो गई है. अब तक अस्पताल मे कई अधीक्षक और प्राचार्य बदल गए. जिला प्रशासन में उपायुक्त और एसएसपी बदल गए, लेकिन नहीं बदला तो एसएनएमएमसीएच में बदहाल सुरक्षा व्यवस्था.
ऐसे में मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा नहीं मिल पाती है. वही गंभीर मरीजों के लिए लाखों रुपए के बने हुए ऑपरेशन थिएटर में ताला पड़ा हुआ है और कीमती उपकरण को ढंक कर रख दिया गया है, ताकि उस पर धूल नहीं पड़े.
रिपोर्ट :राजकुमार जायसवाल/ अनिल मुंडा
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