देश के लिए शहीद होने वाले बिहारी मरांडी के गांव के लोग आज भी कच्ची सड़क में चलने को है मजबूर

पाकुड़ः देश आजाद हुए 76 साल बीत जाने के बाद भी एक ऐसे गांव जहां आज तक पक्की सड़क नहीं बनी. देश को आजाद करने में इस गांव की बिहारी मरांडी शहीद हो गए. लेकिन उनके गांव में पक्की सड़क ना बन सका. हम बात कर रहे हैं पाकुड़ जिले हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत घगरजानी पंचायत के रामनाथपुर संथाली टोला की. जहां एक तरफ देश में बुलेट ट्रेन दौड़ रही है. तो वहीं दूसरी तरफ इस गांव में बरसात के दिनों में एंबुलेंस भी नहीं जा पाती है. अगर किसी की तबीयत बिगड़ जाए, यह गर्भवती महिलाएं की पीड़ा हो तो उन्हें मुख्य सड़क तक लाना पड़ता है, फिर एंबुलेंस से ले जाया जाता है.

ग्रामीण बताते हैं कि इसी गांव के रहने वाले बिहारी मरांडी देश को आजाद करने के लिए शहीद हो गए. मगर उन्हें क्या पता था कि देश आजाद होने के बाद भी उनके गांव के लोग कच्ची सड़क पर ही चलेंगे. अच्छी बात यह है की शहीद बिहारी मरांडी का उनके गांव में मुख्य सड़क के पास प्रतिमा बना दिया गया है. लेकिन उनके गांव में सड़क नहीं बनने से कहीं ना कहीं ग्रामीण परेशान हैं. ग्रामीणों को कहना है कि वोट के समय में अनेक नेता पहुंचते हैं और सड़क बनाने का वादा करते हैं. पर अब तक सड़क नहीं बनी. वहीं ग्रामीण चुनाव पहले सड़क बनाने की मांग कर रहें हैं.

रिपोर्ट- संजय सिंह

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