मुंगेर : मुंगेर सर्पदंश से डॉक्टरों के द्वारा मृत घोषित बच्ची को जिंदा करने के लिए परिजनों ने तांत्रिक को बुलाया। सदर अस्पताल परिसर में ही एक घंटे तक झाड़ फूंक और तंत्र विद्या का खेल चला। तांत्रिक मृत बच्ची को जीवित नहीं करा पाए। जब इंसान चांद पे पहुंच गया पर आज भी विज्ञान के इस दौर में उपचार की जगह अंधविश्वास और झाड़-फूंक पर ज्यादा विश्वास करते हैं। इसका नतीजा हमेशा भयावह होता है।
ऐसा ही मामला मुंगेर के सदर अस्पताल में उस समय देखने को मिला। जब शुक्रवार की रात सर्पदंश से जमालपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर निवासी महादेव मंडल की 12 वर्षीय बेटी की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। इतना ही नहीं परिजन के द्वार उस सांप को भी डब्बा में बंद कर अस्पताल लाया गया था। पर उसके बाद भी वो बच्ची को डॉक्टरों ने द्वारा नहीं बचाया जा सका और इलाज के दौरान सुबह उसकी मौत हो गई।
परिजनों को शायद डॉक्टर के बात पर यकीन नहीं हुआ और अस्पताल परिसर में ही एक लखीसराय जिला अंतर्गत कजरा राम तल्ली गांव के विषहरी स्थान के तांत्रिक मनोज पासवान को बुला लिया। अस्पताल परिसर में ही ढोंगी तांत्रिक बच्ची की मृत देह में जान फूंकने का ड्रामा करता रहा। करीब एक घंटे तक अस्पताल परिसर में झाड़ फूंक तांत्रिक करता रहा। तांत्रिक के इस तरह के ड्रामा को देखने के लिए वहीं भीड़ जुट गई। तांत्रिक कभी बच्ची के शव पर अक्षत छीटता तो कभी मंत्र युक्त पानी डालता। कभी डब्बे में बंद सांप पर मंत्र करता तो कभी बच्ची के शव को थपथपा कर उठाने की कोशिश करता। जब काफी देर तक ड्रामा करने के बाद भी बच्ची को जिंदा नहीं करा सका।
परिजनों ने कहा कि बच्ची को मरे हुए काफी देर हो चुका है। इस कारण उसका तंत्र काम नहीं कर पा रहा है अब वे लोग बच्ची का दाह संस्कार कर दे। वहीं तांत्रिक ने बताया कि उसके पास वो विद्या है कि वो सांप काटे तो मृत व्यक्ति को ठीक कर देता है। इस मामले में काफी लेट हो चुका था। जिस कारण अब कुछ नहीं हो सकता है। इतना सुनते ही परिजनों में चीख पुकार गूंज गया। पर आश्चर्य तो यह था की अस्पताल परिसर में यह खेल चलता रहा पर अस्पताल प्रबंधन ने इस और ध्यान देना भी मुनासिब नहीं समझा। परिजनों ने बताया कि जब देर रात बच्ची से रही थी तो उस समय उसके पैर में सांप ने डस लिया। पर डॉक्टरों के लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई।
अम्रितेश सिन्हा की रिपोर्ट

