कटिहार : कटिहार के सदर अस्पताल का नाम सुनते ही लोगों को इलाज से ज्यादा लापरवाही याद आती है। ताजा मामला दलन की रानी देवी का है, जिनके गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। परिजन महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए। लेकिन यहां का हाल देखकर वो भी सोच में पड़ गए कि यह अस्पताल है या इंतजार घर। परिजनों का आरोप है कि दोपहर एक बजे एडमिशन फॉर्म भरने के बाद शाम चार बजे जाकर उन्हें भर्ती किया गया।

पुराना नुस्खा, ग्लूकोज की बोतल लटका दी गई
आपको बता दें कि भर्ती क्या हुआ, वहीं पुराना नुस्खा, ग्लूकोज की बोतल लटका दी गई, दो-चार सुई जड़ दी गई और फिर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। डॉक्टर मैडम वो तो जैसे अस्पताल में खोजने से भी ना मिलें। देर रात तक किसी ने रानी देवी को देखने की ज़रूरत तक नहीं समझी। परिजनों का ये भी आरोप है कि यहां इलाज से ज्यादा दवा-सुई का खेल चलता है। नर्स और कर्मचारी खुलेआम पैसे की मांग करते हैं। अब इसे लापरवाही कहें या लूट मरीजों की जान से खिलवाड़ तो साफ दिख रहा है।
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रतन कुमार की रिपोर्ट
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