Vote Of Confidence : जेएमएम की ओर से गठबंधन के नेताओं ने प्रतिपक्ष को दिखाया सियासी आईना

कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने प्रतिपक्षी खेमे के भाजपा को सीधे निशाने पर लिया।

रांची : Vote Of Confidence जेएमएम की ओर से गठबंधन के नेताओं ने प्रतिपक्ष को दिखाया सियासी आईना। झारखंड विधानसभा में सोमवार को हेमंत सोरेन के विश्वास मत प्रस्ताव पर हुई बहस के दौरान सत्तापक्ष की ओर से गठबंधन दलों के विधायकों ने प्रतिपक्ष पर निशाना साधने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इसमें कांग्रेस विधायक ज्यादा आक्रामक दिखे और उन्होंने अपने आक्रामक संबोधन में ऐसे शब्दों, वाक्यों और घटनाक्रम को जोड़कर पिरोया कि प्रतिपक्ष वाले मंद-मंद मुस्कुराकर रह गए जबकि सत्ता पक्ष के विधायकों ने उनके संबोधन का जमकर समर्थन किया।

प्रदीप यादव ने जमकर ली भाजपा की चुटकियां, बोले – भूले राम नाम, कहने लगे जय जगन्नाथ

कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने प्रतिपक्षी खेमे के भाजपा को सीधे निशाने पर लिया। भाजपा वालों के लिए प्रदीप यादव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके हाथ खून से रंगे हुए हैं। उन्हें राम पर भरोसा था और राम ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। अयोध्या में ऐसा तमाचा लगा कि अब राम का नाम लेना भूल गए और अब जय जगन्नाथ कहने लगे हैं। प्रदीप यादव ने आगे कहा कि देश में नफरत की नहीं, मोहब्बत की सरकार चलेगी। इसके बाद उन्होंने शायर की पंक्तियों को अपने संबोधन में पढ़कर सुनाया और खूब वाहवाही बटोरी। कहा – जो तूफानों में पलते हैं, दुनिया वही बदलते हैं / जो अपनी जिद पर अड़ते हैं, हालात वही बदलते हैं।

भाजपा को प्रदीप यादव की चुनौती – 2025 में आप लौटकर नहीं आने वाले

इसी क्रम में भाजपा को सीधे निशाने पर लेते हुए कांग्रेस नेता प्रदीप यादव ने उन्हें चुनावी अखाड़े में देख लेने की बात कही। कहा कि आईए, आपको चुनौती देता हूं कि वर्ष 2025 में आप लौटकर आने वाले नहीं हैं। फिर कांग्रेस विधायक प्रदीप बोले कि कोरोना काल को छोड़ दें, तो बाकी समय में कभी भाजपा ने इस सरकार को स्थिर नहीं रहने दिया। एक काम करने वाली सरकार को हमेशा नाकाम करने का प्रयास किया। ऑपरेशन लोटस की बात सभी नेसुनी होगी। एजेंसियों को लगा रखा है कि विपक्षी सरकारों को काम न करने दो। अगर वह काम करे, तो उसमें बाधा पहुंचाओ। ऑपरेशन लोटस में ईडी, सीबीआई सारी एजेंसियां लगी हुई है। भाजपा ने 2-2 चुने हुए मुख्यमंत्री को जेल भेज दिया। ये लोग भ्रष्टाचार की बात नहीं कर सकते। सरयू राय की पुस्तक का उल्लेख करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि भाजपा के एक मंत्री ने अपने ही मंत्रिमंडल में भ्रष्टाचार के बारे में लिखा है। बाबूलाल मरांडी ने 22 पन्ने की किताब में भाजपा पर 46 आरोप लगाए हैं। ऐसे लोगों को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि भाजपा के नेता ही उनके खिलाफ आरोप लगाते हैं। बावजूद इसके गठबंधन की सरकार ने कल्याणकारी काम किए। इसके बाद प्रदीप यादव ने मौजूदा गठबंधन सरकार की योजनाएं भी गिनाईं।

बरही से कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने सधे अंदाज में भाजपा को आड़े हाथ लिया।
झारखंड विधानसभा में सत्ता पक्ष की ओर से बोलते हुए कांग्रेस के उमाशंकर अकेला

कांग्रेस विधायक अकेला बोले – एक झूठी पार्टी है भाजपा

बरही से कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने सधे अंदाज में भाजपा को आड़े हाथ लिया। कहा कि झारखंड बनने के बाद सबसे ज्यादा शासन किसने किया और देश की दुर्दशा किसने की। विपक्षी दलों के पास कोई योजना नहीं है। वर्ष 2000 में बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री बने। फिर मधु कोड़ा और अर्जुन मुंडा की सरकार बनी। आदिवासियों की दुर्दशा के लिए भाजपा वाले थोथी दलील देते हैं। ये लोग पूछते हैं कि इंडिया की सरकार ने हर साल 5 लाख रोजगार देंगे लेकिन उसी क्रम में आप भूल गए कि 2014 में प्रधानमंत्री ने 2 करोड़ नौकरी देने का वादा किया था। देश के नौजवानों को किसने ठगा। अकेला ने इसी पर आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक झूठी पार्टी है। 2 करोड़ नौकरी और 15 लाख रुपए कहां हैं, नेता प्रतिपक्ष जी। सबके खाते खुलवा दिए। माताओं-बहनों ने लाइन में लगकर बैंक में खाता खुलवाया। गरीबों और महिलाओं को धोखा नहीं दिया कि उनके खाते में कुछ नहीं आया। भारत के प्रधानमंत्री को कहते रह गए कि मणिपुर जाइए, लेकिन नहीं गए, क्यों। किसानों ने 13 महीने तक आंदोलन किया एमएसपी लागू करने के लिए लेकिन, इनकी मंशा थी कि पूरे हिंदुस्तान की जमीन अपने मित्रों के हाथों गिरवी रखवा दें। किसानों ने उनके मंसूबे को नाकाम किया। 13 महीने में 700 किसानों ने जान दे दी। उसके लिए कौन जिम्मेदार है ? उसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसे झारखंड को नहीं दिए तो विपक्ष के नेता चुप क्यों रहे।

भाकपा माले विधायक विनोद सिंह बोले – फिर से गठबंधन को मिलेगा मजबूत जनादेश

भाकपा माले के विधायक विनोद सिंह ने कहा कि आज सरकार ने विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया है, लेकिन सच यह है कि सदन ने कभी इस सरकार के प्रत अविश्वास किया ही नहीं। हाईकोर्ट के फैसले से साबित हो गया है कि जबरन ये परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि फिर से चुने हुए मुख्यमंत्री को विश्वास मत प्रस्ताव लाना पड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने रघुवर दास सरकार को हटाकर हेमंत सोरेन को सरकार चलाने का मौका दिया था। भाकपा माले विधायक ने मौजूदा सरकार से कहा कि सरकार अबुआ आवास की त्रुटियों को दूर करे। सरकार ने योजनाएं काफी बनाईं हैं। जो परीक्षाएं हो चुकीं हैं, रिजल्ट आ चुके हैं, उनको नियुक्तियां दे। परीक्षा हो चुकी है, तो रिजल्ट जारी करे। नवंबर तक अगर सरकार ये काम कर लेगी, तो फिर से मजबूत जनादेश मिलेगा।

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