Jharkhand: क्या झारखंड में शराब प्रेमियों के लिए बुरे दिन आने वाले हैं, क्या राज्य में सिलेंडर की कमी के बाद शराब की बिक्री भी बंद हो जाएगी। क्या Jharkhand सरकार भी बिहार के तर्ज पर शराबबंदी करने पर विचार कर रही है। बता दें Jharkhand विधानसभा में बीते कल राज्य के उत्पाद और मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में घोषणा की कि भाजपा केंद्र सरकार से अलग-अलग विभागों के दो लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान कराए, इसके बाद सरकार झारखंड में शराबबंदी पर विचार करेगी।
रौशनलाल चौधरी ने उठाया गंभीर मुद्दा
अब मंत्री के इस बयान के बाद राज्यभर में शराब बंदी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बीते कल सदन में राज्य के युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर चर्चा हुई है। इस मुद्दे को बड़कागांव विधायक रोशनलाल चौधरी ने उठाया है। विधायक चौधरी ने कहा था कि हजारीबाग के अलावा रामगढ़ जिले के पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी सहित कई इलाकों में नशीले पदार्थों का धंधा तेजी से फैल रहा है। युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है। अपराध में इजाफा देखने को मिल रहा है।
नशे पर लगाम के लिए बनेगी टास्क फोर्स
इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार पर लगाम को हर जिले में टास्क फोर्स बनेगी। मंत्री ने कहा कि नशे के कारण युवा पीढ़ी भटक रही है। ऐसे में नशे के खिलाफ हर जिले में विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी और सख्त अभियान चलाया जाएगा।
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