रांची: झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने नौ जुलाई को खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इसको लेकर विभाग ने येलो अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं राज्य के शेष 20 जिलों में मौसम कुछ हद तक साफ रहने की संभावना जताई गई है, हालांकि कहीं-कहीं हल्की बारिश की भी संभावना बनी हुई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने जानकारी दी कि वर्तमान में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन उत्तर की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ की ओर चला गया है, जिससे झारखंड में इसका प्रभाव कुछ हद तक कम हुआ है। इसके परिणामस्वरूप 10 और 11 जुलाई को प्रदेश में बारिश से आंशिक राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। बंगाल की खाड़ी में फिर से एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिल रहे हैं। इसके कारण 12 जुलाई से एक बार फिर राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की गतिविधियों में इजाफा हो सकता है।
इस बीच, खूंटी जिले में मंगलवार को सर्वाधिक 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अतिरिक्त रांची में 6 मिमी, जमशेदपुर में 15 मिमी, बीकारो में 2 मिमी और धनबाद में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 67 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
किसानों के लिए सलाह:
मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य के किसानों को सलाह दी है कि हाल के दिनों में हुई वर्षा और आगामी दिनों में संभावित बारिश को देखते हुए फसल की बुआई से पहले खेतों में उचित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। धान को छोड़कर अन्य फसलों की बुआई मेढ़ बनाकर करने की सिफारिश की गई है। बारिश थमने और धूप निकलने के बाद फसल पर आवश्यकता अनुसार कीटनाशकों या दवाइयों का छिड़काव करने की अनुमति दी गई है।
राज्य के नागरिकों और किसानों को मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि वे किसी भी संभावित आपदा से सुरक्षित रह सकें।


