बिहार, झारखंड में गूंज रहे छठ मईया के गीत, सूर्य मंदिरों व जलाशय किनारे उमड़ेगा आस्था का सैलाब
रांची/पटना : चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे.
इसके लिए बिहार और झारखंड के सभी छठ घाटों की तैयारी पूरी हो गई है.
झारखंड की राजधानी रांची की बात करें तो यहां 105 घाटों पर अर्घ्य देने की व्यवस्था की गई है
. वहीं बिहार की राजधानी पटना में गंगा घाट के अलावा विभिन्न घाटों पर तैयारियां पूरी हो गई है.
छठ घाट पर व्रतियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं.
पर्व के दौरान सिर्फ अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य की पूजा की जाती है.
जिन घरों में छठ पूजा है. वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
दूसरी ओर विभिन्न मोहल्लों के समाजसेवी व अन्य छठ घाटों को बेहतर लुक देने में लगे हैं.
शहर के कई घाटों पर भगवान भास्कर की प्रतिमा के साथ-साथ अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा लगाई गई है.
आज झारखंड, बिहार और पूरे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी छठ की महिमा के गीत गूंज रहे हैं.
ऐसा त्योहार जिसमें भक्त और भगवान के बीच दूसरा कोई नहीं होता.
राज्य के हर शहर और हर कस्बे की गलियों में छठी मईया के गीत गुंजायमान हो रहे हैं.
सड़कें और गलियां सज गई हैं.
घाट चकाचक हो गए हैं. झारखंड के अलग-अलग स्थानों पर बने सूर्य मंदिरों, नदी-तालाबों के किनारे आज आस्था का सैलाब उमड़ेगा.
कई लोगों ने अर्घ्य देने के लिए घरों में भी कृत्रिम तालाब बनवाया है.
आज शाम कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी को छठ व्रती अस्ताचलगामी भगवान भुवन भाष्कर को अर्घ्य अर्पित करेंगे.
गुरुवार को चौथे दिन कार्तिक शुक्ल सप्तमी को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महापर्व छठ संपन्न होगा.
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