रांची: राजधानी रांची में जमीन फर्जीवाड़ा का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर कर माफियाओं ने 14.25 एकड़ जमीन को फर्जी कागजात के आधार पर बेचकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। इस मामले में जीईएल चर्च कॉम्प्लेक्स के कारोबारी चंद्रकांत गोपालका ने लोअर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
एफआईआर में जमीन घोटाले में जेल में बंद शेखर कुशवाहा और अवर निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
फर्जीवाड़े की यह जमीन पिठोरिया के सुतियांबे में स्थित है, जहां एक डिसमिल जमीन की न्यूनतम कीमत दो लाख रुपये है। इस हिसाब से 14.25 एकड़ जमीन की कुल कीमत 25 करोड़ रुपये से भी अधिक होती है।
कारोबारी ने आरोप लगाया है कि निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर की गई, जिसके आधार पर उनसे जमीन की ठगी की गई है। यह घटना रांची में लगातार बढ़ रहे जमीन घोटालों की कड़ी में एक और उदाहरण है, जिससे आम जनता और कारोबारियों में आक्रोश का माहौल है।


















