रांची जमीन घोटाला मामले में ईडी ने 66 एकड़ जमीन अस्थायी रूप से जब्त की। जमीन की कीमत करीब 85 करोड़ रुपये आंकी गई है। फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन की प्रकृति बदलने का आरोप।
Ranchi Land Scam रांची: झारखंड में चर्चित जमीन घोटाला मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक जमीन कारोबारी की 66 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 85 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि, इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि ईडी की ओर से अभी नहीं की गई है।
Ranchi Land Scam: फर्जी दस्तावेजों से जमीन की प्रकृति बदलने का आरोप
ईडी के अनुसार, संबंधित जमीन कारोबारी को 26 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उस पर कांके अंचल क्षेत्र में आदिवासी, भुइहरी और सरकारी प्रकृति की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए सामान्य श्रेणी की जमीन में बदलकर उस पर कब्जा करने और उसकी खरीद-बिक्री करने का आरोप है। जांच एजेंसी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की भी जांच कर रही है।
Key Highlights:
ईडी ने जमीन घोटाला मामले में 66 एकड़ जमीन अस्थायी रूप से जब्त की।
जब्त जमीन का बाजार मूल्य करीब 85 करोड़ रुपये बताया गया।
फर्जी दस्तावेजों से आदिवासी, भुइहरी और सरकारी जमीन की प्रकृति बदलने का आरोप।
जांच में पूर्व अंचल अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
छापेमारी में एक करोड़ रुपये नकद, 100 कारतूस और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे।
Ranchi Land Scam: अंचल अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
ईडी द्वारा पहले दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, जमीन कारोबारी ने कांके के तत्कालीन अंचलाधिकारी जयकुमार राम के साथ मिलकर जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर किया। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की प्रकृति बदली गई, जिससे अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री संभव हो सकी। जांच के दौरान पूर्व अंचलाधिकारी दिवाकर द्विवेदी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। ईडी ने इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मियों को भी आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
Ranchi Land Scam: छापेमारी में मिले थे नकद, कारतूस और अहम दस्तावेज
जून 2024 में ईडी ने जमीन कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कांके रोड स्थित चांदनी चौक के एक अपार्टमेंट में मौजूद फ्लैट से करीब एक करोड़ रुपये नकद, 100 कारतूस तथा जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डीड बरामद किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों की जांच के दौरान 66 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद ईडी ने जमीन की अस्थायी जब्ती की कार्रवाई की।
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