मणिपुर के कांगला फोर्ट में फहराया गया 200वां विशाल तिरंगा, 23 जनवरी को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ का प्रस्ताव

Ramgarh: मणिपुर की राजधानी इंफाल स्थित ऐतिहासिक कांगला फोर्ट में फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा 200वां विशाल राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। यह अवसर न केवल मणिपुर बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से राष्ट्र की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को और सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया।

एकता,समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक- नवीन जिंदलः

मौके पर फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष नवीन जिंदल ने कहा कि तिरंगा भारत की एकता, समानता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को वर्ष के 365 दिन सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार और प्रेरणा मिले। बता दें, फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना नवीन जिंदल और शालू जिंदल द्वारा की गई। संस्था का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, गर्व और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

युवाओं के लिए जागरूकता अभियानः

इस अवसर पर संस्था द्वारा जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से युवाओं को राष्ट्रीय ध्वज के महत्व, उसके सम्मानजनक उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

23 जनवरी को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ घोषित करने का प्रस्तावः

फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने 23 जनवरी को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ के रूप में औपचारिक मान्यता देने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय गौरव, कर्तव्यबोध और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता को और अधिक मजबूत करना है।

संवैधानिक इतिहास से जुड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि:

यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र और संविधान के दो ऐतिहासिक निर्णयों से गहराई से जुड़ी हुई है। पहला, लगभग 30 वर्ष पूर्व दिल्ली उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला, जिसके माध्यम से नागरिकों को सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार प्राप्त हुआ। दूसरा, 22 वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय, जिसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराने को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी गई।

कांगला फोर्ट का ऐतिहासिक महत्व:

कांगला फोर्ट का चयन विशेष रूप से प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि 21 जनवरी 1972 को मणिपुर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। यह किला मणिपुर की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यहां स्थापित विशाल तिरंगा आने वाले वर्षों में हजारों आगंतुकों को भारत के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की प्रेरणा देता रहेगा।

रिपोर्टः मोहम्मद एहसान मंजर

 

 

 

 

 

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