बोकारोः जिले में एक ऐसा स्वास्थ्य केंद्र है जहां मरीजों की इलाज चिकित्सक नहीं बल्कि एएनएम तथा फार्मासिस्ट और फोर्थ ग्रेड के कर्मचारी करते हैं। लिहाजा इन नीम हकीम कथित चिकित्सकों के भरोसे मरीजों की जान खतरे में है। यह अस्पताल बोकारो जिले के बालीडीह स्थित आईबी में राजकीय औषधालय के नाम से संचालित है। हर दिन इस अस्पताल में सुदूरवर्ती इलाकों के 20 से 25 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनका इलाज डॉक्टर नहीं बल्कि एएनएम और फार्मेसिस्ट करते हैं।
राजकीय औषधालय में बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव
इस अस्पताल के डॉक्टरों का तबादला हो गया है, तबसे स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर उपलब्ध नहीं कराया। चिकित्सीय परीक्षण के लिए इक्यूपमेंट भी नही है, 6 माह से बैट्री के अभाव मे बीपी मशीन खराब पड़ा है। उपेक्षित अस्पताल मे दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं, भवन तो मौत को दावत दे रही हैं। दरवाजा चौखट चोरों के भेंट चढ़ गई, तीन यूनिट कमरे में से एक कमरा ही उपयोगी है, मरीजों की बात तो दूर पदस्थापित महिला कर्मियों के लिए भी शौचालय नहीं है।
सिविल सर्जन ने खुद जाकर स्थिति की जांच करने का दिया आश्वासन
सरकार बुनियादी सुविधाओं को लेकर कितना गंभीर है इसका उदाहरण यह अस्पताल है। अस्पताल के उद्घाटन को ज्यादा समय नहीं बीता है, 2018 में ही अस्पताल का निर्माण कराया गया था। जिसका उद्घाटन बोकारो विधायक बिरंची नारायण एवं तत्कालीन डीसी मृत्युंजय वर्णवाल ने किया था। वहीं बोकारो सिविल सर्जन ने कहा कि 4 महीना पहले वहां पर डॉक्टर नियुक्त किए गए थे। त्वरित कार्रवाई करते हुए अभी डॉक्टर को वहां पर नियुक्त करता हूं। वहीं भवन जर्जर होने के मामले पर कहा कि मैं खुद जाकर वहां पर जांच करूंगा, संभवतः अगल-बगल राजकीय औषधालय शिफ्ट किया जाएगा।
रिपोर्टः चुमन कुमार
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