रांची: शक्ति की प्रतीक मां दुर्गा की पूजा का खासा महत्व है।यही वजह है कि राजधानी रांची के जैप वन में दुर्गा पूजा के दौरान हथियारों की पूजा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
शक्ति के उपासक गोरखा समाज दुश्मनों से लोहा लेने के लिए नवमी के अवसर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा करते आ रहे है।इस दौरान जवान मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए फायरिंग के साथ सलामी देते है।साथ ही 12 पाठों की बलि भी दी जाती है।
महानवमी के मौके पर जैप के जवानो द्वारा माँ के चरणों मे बलि दी जाती है।जब जब बलि दी जाती है।तब तब मां को फायरिंग कर सलामी दी जाती है। जैप वन के जवानों की पूजा में हथियारों की पूजा और बलि का अपना ही एक खास महत्व होता है।पूजा की यह परम्परा इस बटालियन के गठन के साथ चली आ रही है। इनका माने तो दुश्मनों से लोहा लेने के दौरान हथियार धोखा ना दे।इस लिए जवान माँ दुर्गा के सामने हर नवमी को अपने अपने हथियारों की पूजा बड़े ही श्रद्धा भाव से करते है ।
नवमी के दिन नौ कन्या की पूजा, बलि के साथ-साथ हथियारों की पूजा को लेकर मान्यता है कि गोरखा या नेपाली संस्कृति पुरातन समय से ही शक्ति के उपासक रहे है। ऐसे में बलि की प्रथा प्राचीन काल से चली आ रही है और अब ये इनकी संस्कृति का हिस्सा बन गयी है। जवानों को विश्वास है कि शक्ति की देवी माँ दुर्गा की पूजा करने से वह हर लड़ाई में जीत हासिल करेंगे और मां उनकी रक्षा करेगी।







