रांचीः झारखंड में महागठबंधन की सरकार में राजद मात्र एक विधायक के साथ मौजूद है, हालांकि, गठबंधन धर्म का पालन करते हुए मात्र एक विधायक वाली पार्टी आरजेडी को कैबिनेट में भी जगह दी गई है। इतना ही नहीं 20 सूत्री, निगरानी कमेटी और बोर्ड-निगम में भी हिस्सेदारी को लेकर आरजेडी की तरफ से आवाज उठने लगी है।
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार भले ही ऊपरी तौर पर स्थिर नजर आती हो लेकिन गठबंधन दलों के बीच कई मुद्दों को लेकर अब भी जिच कायम है। खासकर 20 सूत्री समितियों, निगरानी कमिटियों और बोर्ड निगम में हिस्सेदारी को लेकर आरजेडी ने एक बार फिर से अपनी आवाज बुलंद की है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ मनोज कुमार ने कहा कि, उनकी पार्टी को मात्र एक विधायक वाली पार्टी के तौर पर नहीं देखा जाए। बल्कि विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जिस सीटों से किस्मत आजमाया है और पार्टी का जिन क्षेत्रों में जनाधार है, उसे देखते हुए पार्टी को हिस्सेदारी दी जाए।
महागठबंधन की प्रमुख घटक दल कांग्रेस दबी जुबान से राजद को उसकी हैसियत याद रखने की नसीहत दे रही है। वहीं कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि, हेमंत सोरेन की सरकार में सभी गठबंधन दलों के साथ न्याय हो रहा है। गठबंधन धर्म का पालन करते हुए राजद विधायक को कैबिनेट में जगह दी गई है। ऐसे में राजद को चाहिए कि, वह धैर्य और संयम से काम ले।
हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री का एक पद अब भी खाली है। इस बीच बोर्ड निगम और 20 सूत्री के साथ ही निगरानी कमेटियों में हिस्सेदारी को लेकर गठबंधन दल आमने-सामने हैं। खासकर राजद की ओर से इस बात को याद दिलाया जा रहा है कि, विधानसभा चुनाव के दौरान आरजेडी ने अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों की सीट को भी गठबंधन दलों के हवाले कर दिया था। ऐसे में उसे उसका पूरा हिस्सा मिलना चाहिए।


















