JPSC PT Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 की प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। CID ने हजारीबाग पुलिस के साथ मिलकर सुमन सौरभ नाम के एक उम्मीदवार को गिरफ्तार किया है, जिसने PT पास किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पर धोखाधड़ी से परीक्षा पास करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला तब चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर एक उम्मीदवार की कथित OMR कार्बन कॉपी वायरल हो गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर CID ने अपनी कोशिशें तेज कीं और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
वायरल कार्बन कॉपी के बाद जांच तेज
जांच एजेंसियों के अनुसार, वायरल कार्बन कॉपी की जांच से पता चला कि संबंधित उम्मीदवार ने 100 में से केवल 48 सवालों के जवाब दिए थे। इसके बावजूद, प्रारंभिक परीक्षा में उसकी सफलता पर सवाल उठाए गए। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ी। उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच के बाद, CID ने आरोपी से पूछताछ की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया।
धोखाधड़ी से परीक्षा पास करने की कथित स्वीकारोक्ति
CID की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जांच के दौरान गिरफ्तार उम्मीदवार के पास OMR शीट की कार्बन कॉपी नहीं मिली। हालांकि, एजेंसी द्वारा विस्तृत पूछताछ किए जाने पर, उसने कथित तौर पर धोखाधड़ी से परीक्षा पास करने की बात स्वीकार कर ली। हालांकि, इस कथित स्वीकारोक्ति की पुष्टि अदालत में न्यायिक कार्यवाही के माध्यम से होनी बाकी है। मामले की आगे की जांच जारी है और एजेंसी अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।
पूरे नेटवर्क की जांच कर रही CID
जांच एजेंसी का कहना है कि इस गिरफ्तारी से कथित परीक्षा धांधली में शामिल नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके (modus operandi) के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। CID अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे और यदि हां, तो उनकी क्या भूमिका थी। एजेंसी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल सबूतों, परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों और अन्य तकनीकी विवरणों की भी जांच कर रही है।
नए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई
एक प्रेस विज्ञप्ति में, CID ने कहा कि JPSC परीक्षा से संबंधित इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले किसी भी नए सबूत या तथ्य के आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अगर जांच में किसी और व्यक्ति या कथित गैंग की भूमिका का पता चलता है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी चल रही है और एजेंसी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ें: Jharkhand Malaria Cases: झारखंड में मलेरिया-डेंगू को लेकर अलर्ट, सरकार ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश
Highlights



















