Misir Besra Arrest Dhanbad: झारखंड पुलिस और सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ के बाद, बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पांच आरोपियों को रांची से धनबाद लाया गया। इनमें CPI (माओवादी) पोलित ब्यूरो के सदस्य मिसिर बेसरा भी शामिल हैं, जिन पर ₹2.20 करोड़ का इनाम है। सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद, सभी को न्यायिक हिरासत में धनबाद डिविजनल जेल भेज दिया गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अस्पताल परिसर से जेल तक के रास्ते पर विशेष रूप से पुलिस बल तैनात किए गए थे।
ऑपरेशन ‘दौरा पहाड़’ के बाद आरोपियों को रांची से धनबाद लाया गया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिसिर बेसरा (उर्फ सागर, भास्कर या सुरनिमल) के साथ मेहनत (उर्फ मोच्छू या विभीषण – जिन पर ₹15 लाख का इनाम है), गौरव (उर्फ बिरेंद्र हांसदा या सौरम) और दो अन्य साथियों को मंगलवार को बरवाड्डा थाना क्षेत्र के एक जंगली इलाके से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद, आरोपियों को पहले रांची स्थित पुलिस मुख्यालय ले जाया गया, जहां झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) और धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने ऑपरेशन की जानकारी देने के लिए संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद, आरोपियों को धनबाद लाया गया।
सदर अस्पताल में मेडिकल जांच
धनबाद पहुंचने पर, बरवाड्डा पुलिस आरोपियों को सीधे सदर अस्पताल ले गई। एहतियात के तौर पर, अस्पताल परिसर को एक तरह से पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। कैदियों को ले जाने वाली गाड़ी के आगे और पीछे सुरक्षा बलों की गाड़ियां तैनात थीं, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे थे। मेडिकल जांच के दौरान आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे। सुरक्षा कारणों से किसी को भी उनकी तस्वीरें लेने की अनुमति नहीं दी गई। डॉक्टरों ने मानक प्रक्रियाओं के अनुसार सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच पूरी की।
मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया
स्वास्थ्य जांच पूरी होने के बाद, पांचों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच धनबाद डिविजनल जेल भेज दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नज़र रखी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पुलिस ने पूरी प्रक्रिया सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूरी की।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम मानी जा रही कार्रवाई
झारखंड में नक्सल-विरोधी अभियान में मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, वह लंबे समय से माओवादी संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ा हुआ था और कई राज्यों में संगठन की गतिविधियों से जुड़े मामलों में वांछित था। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



















