रांची : अधिवक्ता रवि शंकर मिश्रा गोलीकांड का रांची पुलिस ने खुलासा कर लिया है। इस मामले में साजिशकर्ता सहित दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया है।
रवि शंकर मिश्रा को 30 लाख रुपए के लेन- देन को लेकर मारने की कोशिश की गई। पुलिस गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ कर रही है कि उन्हें किसने कितने रुपए दिए थे।
इस मामले में जांच के दौरान एक महिला अधिवक्ता सायना जबिन ने नींद की गोली खाकर खुदकुशी की कोशिश की। खुदकुशी से पहले सायना जबिन ने सुखदेव नगर थाने के तत्कालीन थानेदार रमाकांत ओझा पर संगीन आरोप भी लगाए।
जिसके बाद एसएसपी चंदन सिन्हा ने थानेदार रमाकांत ओझा को रविवार को लाइन हाजिर कर दिया था। रवि शंकर मिश्रा 11 फरवरी की रात 9.30 बजे अपने कारोबारी मित्र विक्रम अग्रवाल के किशोरगंज स्थित संस्कृत कॉलेज रोड स्थित आवास पर मिलने के लिए गए थे।
वे डेढ़ घंटे तक उनके आवास पर रुके थे। इसके बाद वे उनके घर से बाहर निकले। उनकी गाड़ी के पीछे पहले से घात लगाए तीन अपराधी खड़े थे। उनका पीछा पहले से ही अपराधी कर रहे थे।
जैसे ही मिश्रा बाहर आए एक अपराधी ने उन्हें गोली मार दी। गोली कमर के ऊपर लगी और वे गिर गए। इसके बाद अपराधी भाग निकले। विक्रम अग्रवाल अपने परिचितों की मदद से उन्हें उठा कर बरियातू स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां उनका इलाज चल रहा है।
अग्रवाल ने ही प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में जांच के दौरान रवि शंकर मिश्रा की अधिवक्ता मित्र सायना जबिन पर तत्कालीन थाना प्रभारी रमाकांत ओझा द्वारा दबाव बनाया जा रहा था। उन्हें इस मामले में घसीटने की कोशिश की जा रही थी। इन्हीं बातों से तंग आकर 17 फरवरी को सायना जबिन ने एक सुसाइड नोट लिखते हुए नींद की गोली खा ली थी।



















