रोहतास : रोहतास में खनन विभाग के सह पर बालू माफियाओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। जिले में खनन विभाग और अवैध बालू कारोबारियों के गठजोड़ से बालू का अवैध कारोबार अच्छे से फल फूल रहा है। बालू माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि पुलिस के साथ-साथ अब पत्रकारों को भी टारगेट कर उनपर जानलेवा हमला किया जा रहा है। ताजा मामला रोहतास जिले के काराकाट थानाक्षेत्र के सुकहरा डिहरी गांव का है।
जहां काराकाट प्रखंड के दैनिक अखबार के रिपोर्टर अशोक कुमार सिंह का बालू माफियाओं के द्वारा अपहरण कर लिया गया था। अपहरण करने के बाद पत्रकार को तीन घंटे तक बंदी बनाकर रखा गया। उसके बाद उनके साथ मारपीट भी की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके साथ ही पत्रकार को डराने के लिए बालू माफियाओं के द्वारा फायरिंग भी की गई। पत्रकार ने किसी तरह से भाग कर बालू माफियाओं से अपनी जान बचाई। घायल पत्रकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया। उसके बाद उन्होंने रोहतास जिले के बिक्रमगंज खान निरीक्षक राहुल कुमार, लालजी यादव, शशिकांत यादव पर नामजद सहित पांच अज्ञात लोगों के विरुद्ध काराकाट थाने में प्राथमिक की दर्ज कराई है।
खान निरीक्षक के इशारे पर बालू माफियाओं ने पत्रकार को किया अगवा
उक्त मामले की जानकारी देते हुए दैनिक अखबार के पत्रकार अशोक कुमार सिंह ने बताया कि रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र के सुकहरा डिहरी गांव के समीप एक ईंट भट्ठे के पास ओवर लोडेड बालू लदे पाच ट्रकों को खान निरीक्षक राहुल कुमार के द्वारा जप्त करने की सूचना मिली। इसके बाद पत्रकार घटनास्थल पर पहुंचकर जप्त किए गए ट्रकों का फोटो और वीडियो बनाने लगे। जिस पर खान निरीक्षक राहुल कुमार ने पत्रकार को वीडियो और फोटो लेने के लिए मना किया गया। फोटो वीडियो बनाने के बाद पत्रकार अशोक कुमार सिंह वहां से आगे बढ़े तभी खान निरीक्षक राहुल कुमार द्वारा बालू माफियाओं को सूचना दी गई। चुकी पकड़े गए सभी ट्रको के पास बालू माफिया पहुंचकर मामले को रफा-दफा करने के फिराक में जुटे हुए थे। लेकिन पत्रकार के फोटो और वीडियो बनाने से उनके मंसूबे फेल होते दिख रहे थे।
बता दें कि जिससे नाराज होकर बालू माफियाओं के द्वारा रास्ते में ही पत्रकार को रोक कर स्कॉर्पियो से उन्हें अगवा कर लिया गया। अगवा करने के बाद बगल के जिले औरंगाबाद के बारुण में पत्रकार को ले जाया गया। और वहां उनके साथ जमकर मारपीट की गई। इसके साथ ही उन्हें डराने के लिए फायरिंग भी की गई। फायरिंग करने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। बालू माफियाओं के द्वारा पत्रकार को तीन घंटे तक अगवा कर के रखा गया। उसके बाद किसी तरह से वहां से भाग कर पत्रकार ने अपनी जान बचाई और थाने पहुंचकर खान निरीक्षक राहुल कुमार, लालजी यादव और शशिकांत यादव सहित पाँच अज्ञात लोगो के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराई गई। वहीं घायल पत्रकार को काराकाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ईलाज कराया गया।
इन दिनों बालू के अवैध कारोबार के खिलाफ पत्रकारों द्वारा लगातार खबर प्रकाशित और प्रसारित किया जा रहा था। जिससे नाराज बालू माफियाओं द्वारा पत्रकारों को टारगेट कर उन पर हमला किया जा रहा है। रोहतास में खनन विभाग के अधिकारियों और बालू माफियाओं के गठजोड़ से बालू का अवैध कारोबार बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। रात्रि में बालू घाटों से बिना चालान एवं फर्जी चालान के आधार पर सैकड़ों गाड़ियां बगल के राज्य उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है जिससे बालू माफियाओं को मोटी कमाई हो रही है। मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खनन विभाग एवं पुलिस प्रशासन को भी पहुँचाई जाती है। इसके साथ ही ओवरलोडेड बालू लदे कार्य को भी खनन विभाग और पुलिस प्रशासन के सहयोग से अन्य राज्यों में भेजा जाता है जिससे बिहार सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
रात्रि में खनन विभाग एवं पुलिस-प्रशासन द्वारा अवैध बालू लदे गाड़ियों को पकड़ा जाता है। छापेमारी अभियान में यदि 10 गाड़ियां पकड़ी जाती है तो उसमें से लगभग छह गाड़ियों को मोटी रकम लेने के बाद घटनास्थल से ही उसे छोड़ दिया जाता है। चार गाड़ियों को पकड़कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर दी जाती है। ताकि सरकार और आला अधिकारियों को दिखाया जा सके।
सलाउद्दीन की रिपोर्ट
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