Jamshedpur- जमशेदपुर में एक रहस्यमयी वृक्ष के बारे में पता चला है जो कि आज से लगभग डेड़ हजार साल पुराना है और वृक्ष अपने जड़ में लाखों लीटर पानी संरक्षित कर रखता है। मान्यताओं के अनुसार यह वृक्ष जहां कहीं भी रहता है वहां पर कभी भी पानी की कमी नहीं होती है।

पेड़ को किया जा रहा है संरक्षित
जी हां ये कोई सपना नहीं है यह एक सच है। जमशेदपुर शहर के बीचोबीच इस रहस्यमयी वृक्ष का पता चला है। इस वृक्ष की पहचान कल्प वृक्ष के नाम से की गई है। इसे जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी एवं टाटा स्टील के द्वारा संरक्षित किया जा रहा है डेढ़ हजार साल पुराना या पेड़ अपने जड़ में लाखों लीटर पानी संरक्षित कर रखता है।

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साकची थाना के बगल में इस पेड़ को संरक्षित करने के लिए टाटा स्टील द्वारा पिछले दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था वहीं अब इस पेड़ को संरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जहां विशाल वृक्ष के चारो तरफ कांटे के तार लगा दिए गए हैं।
जमशेदपुर का इकलौता कल्प वृक्ष है
अगर हम झारखंड की बात करें तो पूरे झारखंड में कुल आठ कल्प वृक्ष की अब तक पहचान की जा चुकी है। जहां रांची और धनबाद के बाद तीसरे नंबर पर जमशेदपुर है जो इस शहर में इकलौता कल्प वृक्ष है।

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वही इस कल्प वृक्ष की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी देते हुए जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी के सिटी मैनेजर रवि भारती ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा कल्प वृक्ष को संरक्षित करने का आदेश जारी किया गया है जहां इस पेड़ की पहचान कल्प वृक्ष के रूप में की गई है।
पेड़ पर अभी भी रिसर्च जारी है
वहीं अब इस पेड़ की देखरेख जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी एवं टाटा स्टील के द्वारा की जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक इस पेड़ की आयु डेढ़ हजार साल पुरानी है।
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लगभग 30 फीट चौड़ा यह पेड़ अपने जड़ में लाखों लीटर पानी संरक्षित कर रखता है या पेड़ जिस क्षेत्र में होता है उसे क्षेत्र में पानी की कमी कभी नहीं होती है। इस पेड़ की और भी कई गुणवत्ताएं हैं जिस पर अभी रिसर्च किया जा रहा है।



















