रांची: राजधानी में ऑनलाइन सट्टेबाजी करा ठगी करने के आरोप में पुलिस ने सात युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
पूछताछ में युवकों ने कई खुलासे किये है. युवकों ने बताया कि उन्हें इस काम के लिए प्रति माह आठ हजार रुपये मिलते थे.
साथ ही खाने-पीने और रहने की सुविधा दी जाती थी. यह सुविधा गिरोह के सरगना बृजमोहन, आनंद, संदीप और अनुराग उपलब्ध कराते थे.
गिरफ्तार युवकों ने बताया कि गिरोह के सरगना ठगी के लिए लैपटॉप, मोबाइल, सिमकार्ड आदि उपलब्ध कराते थे.
बृजमोहन ने उन्हें एक बाइक भी दी थी. सभी युवक एक साथ न्यू नगर बांधगाड़ी में उमाशंकर सिंह के घर में किराये पर रहते थे.
वहीं, गिरोह के सरगना उमाशंकर सिंह के मकान से 100 मीटर दूर रवींद्र सिन्हा के फ्लैट में रहते थे और वहीं से काम की निगरानी करते थे.
पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों के पास जो एटीएम कार्ड मिला है, उससे संबंधित अकाउंट दूसरे लोगों के नाम पर है.
आरोपी ठगी का पैसा उक्त अकाउंट में मंगवाने के बाद इसे एटीएम से निकाल लेते थे.इस केस में पुलिस ने 24 फरवरी को छापेमारी के बाद प्रिंस कुमार रोहित रजक,सुरेश कुमार हांसदा,विक्की कुमार, काजल अड्डी, सौरभ गुप्ता और सुभम भाटिया को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. बृजमोहन बोकारो के जरीडीह का रहने वाला है. वहीं, फरार अन्य आरोपियों के पते के बारे में पुलिस जानकारी एकत्र कर ही है.


















