Advertisment

CUJ में भाषा, स्वदेशी बौद्धिक विरासत और सतत कल्याण पर सात दिवसीय कार्यशाला शुरू

रांची. आदिवासी साहित्य, ज्ञान-विज्ञान, परंपरा को सहेजने के साथ-साथ शोध के माध्यम से इसे अनवरत आगे बढ़ाने के उद्देश्य के साथ झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUJ) में भाषा, स्वदेशी बौद्धिक विरासत और सतत कल्याण विषय पर सात दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसका उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने किया।

CUJ में कार्यशाला को लेकर कुलपति बोले

इस दौरान कुलपति प्रो. क्षिति भूषण दास ने अपने संबोधन में आदिवासी सांस्कृतिक प्रथाओं के उदाहरणों के माध्यम से भाषा, बौद्धिक विरासत और टिकाऊ कल्याण के बीच अंतर्संबंध पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जनजातीय विश्वदृष्टि में दर्शन के रूप में कल्याण भौतिकवादी आधिक्यों के बिना संतुष्ट और खुश रहने के विचार से जुड़ा हुआ है। सत्र की मुख्य अतिथि डॉ. सबिता आचार्य ने अपने विचार में पारंपरिक उपचार प्रथाओं, स्थिरता और सांस्कृतिक प्रथाओं जैसे कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने स्वदेशी ज्ञान के दस्तावेजीकरण में भाषाओं की भूमिका पर जोर दिया। उनके अनुसार, देशज ज्ञान से लोग समस्या का समाधान कर सकते हैं। आगे उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि जनजातीय भाषा के दस्तावेजीकरण के लिए सीयूजे में विलुप्तप्राय जनजातीय भाषाई केंद्र पहले से ही कार्य कर रहा है।

भाषा और साहित्य के महत्व

इसके साथ ही भाषा संकाय की डीन, डॉ. श्रेया भट्टाचार्जी ने आदिवासी सांस्कृतिक वास्तविकताओं में भाषा और साहित्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनुष्ठान और रीति-रिवाज भाषाई और साहित्यिक क्षेत्रों में परिलक्षित होते हैं और इस पर चर्चा और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत संस्कृति अध्ययन संकाय की डीन डॉ. सुचेता सेन चौधरी के द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। सात दिवसीय इस कार्यशाला का आयोजन सेंटर फॉर एन्डेंजर्ड लैंग्वेजेज द्वारा स्कूल फॉर द स्टडी ऑफ कल्चर और स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज के सहयोग से आयोजित हो रहा है। सीईएलडी के समन्वयक डॉ. रजनीकांत पांडे, भाषा संकाय के डॉ. रवीन्द्रनाथ सरमा, डॉ. प्रज्ञा शुक्ला, डॉ. सुधांशु, डॉ. शशि मिश्रा साथ मिलकर इस बहु-विषयक कार्यक्रम का सक्रिय रूप से आयोजन कर रहे हैं।

आयोजित कार्यशाला में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विभिन्न विषयों से 120 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं तथा लगभग 30 विद्वान वक्ताओं द्वारा आदिवासी साहित्य, आदिवासी भाषा और संस्कृति आदि से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर कार्यशाला में व्याख्यान दिया जाएगा।

Gumla Bus Accident: गुमला में भीषण टक्कर के बाद घंटों केबिन...

Gumla Bus Accident: शनिवार को गुमला ज़िले के पालकोट पुलिस स्टेशन इलाके में सड़क का एक बड़ा हादसा हुआ। दातली डैम के पास एक...

Giddi CCL Firing Incident: रामगढ़ के गिद्दी CCL क्रेशर में फायरिंग...

Giddi CCL Firing Incident: रामगढ़ ज़िले के गिद्दी पुलिस स्टेशन इलाके में मौजूद CCL गिद्दी 'A' क्रशर कॉम्प्लेक्स में शनिवार शाम करीब 6:30 बजे...

Faheem Khan Viral Audio Case: फहीम खान को बदनाम करने की...

Faheem Khan Viral Audio Case: धनबाद के वासेपुर इलाके के कुख्यात फहीम खान से जुड़ी एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से...