कैमूर : कैमूर जिला के भभुआ लिच्छवी भवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विचार संगोष्ठी एवं नारी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन का कैमूर डीएम सावन कुमार ने फीता काटकर उद्धघाटन किया। इस मौके पर जिला के कोने-कोने से सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंची। वहीं कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं कार्यकर्म में डीएम ने बेहतर कार्य करने वाली उल्लेखनीय महिलाओं को सम्मानित किया।
वहीं डीएम सावन कुमार ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो महिलाओं के लिए 50 फीसदी का आरक्षण लागू किया था। ताकि महिलाएं भी पुरुष के साथ बराबरी का काम कर सकें। जो कि आज महिलाएं उसपर खरा उतर कर अपने कार्य को बेहतर तरीके से कर रही है। यह साबित कर रही है कि अगर उनको भी मौका मिलता है तो वह भी अपने गांव समाज के लिए बेहतर कार्य कर सकती हैं।
वहीं उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि जो भी महिलाएं अपने कार्य को और बेहतर तरीके से करना चाहती हैं। लेकिन किसी कारणवश उन्हें कोई परेशानी हो रही है तो वो महिलाएं किसी भी तरह अपनी बातों को मुझ तक पहुंचाएं। ऐसी महिलाओं का हर संभव मदद किया जाएगा और उनका हर संभव जिला प्रशासन के द्वारा मदद किया जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने ने कहा कि महिलाएं और भी शिक्षित हो और अपने हेल्थ से भी मजबूत हो ताकि अतिपिछड़ा समाज को एक नया रस्ता मिल सके। क्योंकि आज भी ऐसे कई जगह है जहां गरीब समुदाय के या अति पिछड़ा समाज की महिलाएं शिक्षा से काफी वंचित हैं। उन्हें भी वहां या उनके बस्ती में जाकर शिक्षित होने के लिए प्रेरित करें ताकि गरीब अतिपिछड़ा समाज की महिलाएं भी शिक्षित हो सकें। शिक्षित होकर अपना हेल्थ और समाज को आगे बढ़ा सके।
ज्ञान विज्ञान महिला समिति की सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण पर दिया बल
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर ज्ञान विज्ञान समिति ने कार्यक्रम आयोजित की। इस समिति के प्रखंड सचिव चिंता कुमारी के अध्यक्षता में हुऐ कर्मक्रम में करीब पचास की संख्या मे महिलाएं उपस्थित थी। इस कार्यक्रम में महिलाओं के हक अधिकार व अंतराष्ट्रीय महिला दिवस कब तथा किसके द्वारा मनाया गया इस विस्तार से चर्चा की गई। चिंता कुमारी ने कहा कि अगस्त 1910 में क्लारा जेटकिन, एक जर्मन मताधिकारवादी और महिला कार्यालय की नेता द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
जेटकिन ने प्रतिवर्ष एक विशेष महिला दिवस आयोजित करने का प्रस्ताव रखा और अगले वर्ष ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सम्मानित किया गया, जिसमें रैलियों में दस लाख से अधिक लोग शामिल हुए। 18 अगस्त 1920 को 19वें संशोधन की पुष्टि की गई और श्वेत महिलाओं को यूएस में मतदान का अधिकार दिया गया। 1960 के दशक में मुक्ति आंदोलन हुआ और इस प्रयास के कारण मतदान अधिकार अधिनियम पारित हुआ, जिससे सभी महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। जब इंटरनेट अधिक सामान्य हो गया, नारीवाद और लैंगिक असमानता के खिलाफ लड़ाई ने पुनरुत्थान का अनुभव किया।

जिसके बाद अब हम हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं क्योंकि हम एक पूरी तरह से समान समाज बनाने की आशा के साथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इस मौके पर इंदू सिंह, किरण सिंह, अनुराधा सिंह, आरती यादव, दीपा यादव, नीलम देवी, गुड़िया देवी, अर्चना देवी, प्रतिमा देवी, पूनम देवी, संजू देवी, खुशबू देवी, लक्ष्मीना देवी, सुनीता देवी व इंदू देवी समेत कई लोग थीं।
विवेक कुमार सिन्हा की रिपोर्ट
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