Reliance AGM 2026: रिलायंस के भविष्य को लेकर अंबानी का बड़ा संकेत, जानिए कौन संभाल रहा है सबसे बड़े कारोबार

Reliance AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में लीडरशिप बदलने की प्रक्रिया अब साफ तौर पर आकार ले रही है। कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक (AGM) में चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस में रोज़मर्रा के कामकाज का मैनेजमेंट अगली पीढ़ी को सौंपने का काम लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बोर्ड में तीन साल पूरे कर चुके हैं और अब अलग-अलग बिज़नेस सेक्टर की कमान संभाल रहे हैं।

तीनों उत्तराधिकारियों द्वारा संभाले जा रहे मुख्य बिज़नेस सेक्टर

AGM में मुकेश अंबानी ने बताया कि ईशा अंबानी कंपनी के कंज्यूमर बिज़नेस को लीड कर रही हैं, जबकि आकाश अंबानी टेक्नोलॉजी बिज़नेस संभाल रहे हैं। वहीं, अनंत अंबानी एनर्जी सेक्टर से जुड़े बिज़नेस की कमान संभाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि भले ही तीनों अलग-अलग बिज़नेस सेक्टर को लीड कर रहे हों, लेकिन उनका साझा मकसद रिलायंस के एकीकृत इकोसिस्टम को आगे बढ़ाना है।

संस्थागत निरंतरता पर रिलायंस का फोकस

मुकेश अंबानी ने कहा कि किसी बड़ी कंपनी की पहचान सिर्फ उसके लीडर से नहीं, बल्कि उसकी संस्थागत मज़बूती और लंबे समय की स्थिरता से होती है। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ रिलायंस “5-S विज़न” लागू कर रही है, जिसका सबसे पहला और अहम हिस्सा ‘सक्सेशन’ (उत्तराधिकार) है। कंपनी का मकसद आने वाले दशकों तक लगातार विकास और स्थिर लीडरशिप सुनिश्चित करना है।

मुकेश अंबानी सक्रिय भूमिका में बने रहेंगे

मुकेश अंबानी ने साफ किया कि वह रिलायंस को सक्रिय लीडरशिप देते रहेंगे। उन्होंने शेयरधारकों से कहा कि कंपनी का भविष्य ऐसे हाथों में है जो रिलायंस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम हैं। उनके मुताबिक, लीडरशिप की अगली पीढ़ी के पास बड़े मौकों को हकीकत में बदलने के लिए मज़बूत फाइनेंशियल और प्रोफेशनल आधार है।

भविष्य की विकास रणनीति से जुड़ी लीडरशिप में बदलाव की प्रक्रिया

रिलायंस में उत्तराधिकार का यह ढांचा ऐसे समय में सामने आया है जब कंपनी कई बड़े ग्रोथ इंजन पर काम कर रही है, जैसे जियो IPO, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नई ऊर्जा, FMCG और ग्लोबल एक्सपोर्ट। AGM में मुकेश अंबानी ने अगले पांच सालों में कंपनी के कंसोलिडेटेड EBITDA को दोगुना या उससे भी ज़्यादा करने का भरोसा भी जताया। जानकारों के मुताबिक, रिलायंस में लीडरशिप बदलने की यह प्रक्रिया सिर्फ उत्तराधिकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंपनी की लंबी अवधि की विकास रणनीति और संस्थागत निरंतरता का भी एक अहम हिस्सा है।

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