बगहा : बिहार का कश्मीर कहे जाने वाला वाल्मीकि नगर भारत-इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित है। जो पश्चिमी चंपारण जिला अंतर्गत बगहा पुलिस जिले में आता है। जहां काफी संख्या में सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है। खूबसूरत प्रकृति संरचना और भौगोलिक बनावट के बीच पर्यटक वाल्मीकी नगर पहुंच भाव विभोर हो जाते है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में शैलानियों के घूमने ठहरने की उत्तम व्यवस्था है। सैलानी जंगल सफारी के दौरान करीब से जंगली जानवरों का दीदार कर पाते है।
टाइगर रिजर्व में हर तरफ के जीव जंतु देखने को मिलते है बड़े जानवरों में हिरण, बाघ, तेंदुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली बिल्ली, एकसिंगी गैंडा और जंगली भैंसा से लेकर अलग-अलग तरह के पशु-पक्षी भी देखने को मिलते है। बताते चलें कि वाल्मीकि नगर बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान है। यह 898.45 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के मुताबिक, साल 2022 तक वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में 54 बाघ थे. वाल्मीकि नगर में 900 वर्ग किलोमीटर में फैला जंगल, झरना, पहाड़, और तीन नदियों का संगम भी है जो क्रमश: तमसा, सोनभद्र, एवं नारायणी के नाम से जाना जाता है। तीन दिशाओं से बह कर आती ये तीनों नदियां एक हो जाती हैं। निरंतर सोनभद्र नदी से सोने के कण भी मिलते है। गंडक नदी पर बने 36 पाया वाला वाल्मीकि नगर पुल का दृश्य भी देखने योग्य है।
बता दें कि महर्षि वाल्मिकी ने हिंदू महाकाव्य रामायण की रचना भी यहीं वाल्मीकी नगर में ही की थी। भगवान राम के त्यागे जाने के बाद माता सीता ने यहीं आश्रय लिया था साथ ही माता सीता ने यही अपने दो लाल ‘लव’ और ‘कुश’ को जन्म दिया था। साथ ही इसी वाल्मीकि की तपो भूमि से माता सीता पाताल लोक को गई थी। चम्पा के खुशबू से महक उठने वाला भूमि चंपारण का एक हिस्सा है वाल्मीकी नगर है। हिमालय की तरह खड़ा पर्वत भी बिहार के कश्मीर कहलाने वाले वाल्मीकीनगर का अहम हिस्सा है।
वाल्मीकि आश्रम के मनोरम परिवेश के पास ही गंडक नदी पर बनी बहुद्देशीय परियोजना है जहां 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी होता है। जहां से निकाली गई नहरें चंपारण के अतिरिक्त उत्तरप्रदेश के बड़े हिस्से में सिंचाई की जाती है। गंडक बैराज के आस पास का शांत परिवेश चित्ताकर्षक है साथ ही बेतिया राज के द्वारा बनवाया गया शिव-पार्वती मंदिर कौलेशवर भी दर्शनीय है। शक्तिपीठ माता नरदेवी का विशाल मंदिर भी इसी वाल्मीकीनगर में स्थापित है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अपने चहेता स्थान में एक नाम वाल्मीकी नगर है जहां एकसाथ कई योजनाओं को वाल्मीकी नगर के ध्रतात्ल पर उतारा है। उसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने छह मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाल्मीकिनगर कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण भी किया था।
अनिल कुमार की रिपोर्ट
