ईरानी हमला जारी, इजरायल में लोग बंकरों में छिपे

डिजीटल डेस्क : ईरानी हमला जारी – शनिवार से इजरायल पर जारी ईरानी हमला रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान इजरायली नागरिक सायरन बजते ही बंकरों में जाकर छिप गए। इजरायली डिफेंस सिस्टम (आईडीएफ) के प्रवक्ता डेनियल हगारी ने लोगों को छिपने के लिए बंकरों में रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जब भी अलार्म बजे तो नागरिकों को बंकर में छिप जाना है और 10 मिनट से भी कम समय तक इंतजार करना है।

इजरायल का दावा – ईरानी मिसाइलों को हवा में किया तबाह ईरानी हमला जारी

ईरान ने जहां इजरायल पर हुए अपने हमले में दमिश्क समेत दो एयर बेस के तबाह हो जाने का दावा किया है, वहीं इजरायली सेना ने अपने ऐरो डिफेंस सिस्टम से सफलतापूर्वक ईरान से दागे गए लगभग सभी मिसाइलों को हवा में ही पहचानकर तबाह कर देने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही ईरान ने ड्रोन्स और मिसाइलों से हमला बोला तुरंत इजरायल में सायरन गूंजने लगे। सायरनों की आवाज से लोग दहशत में जरूर आए लेकिन ईरान का इतना बड़ा हमला भी वहां कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा पाया। उसकी वजह रही कि इजरायल ने अपने का ऐरो डिफेंस सिस्टम का तुरंत इस्तेमाल किया जिसने आयरन डोम सिस्टम के साथ मिलकर ईरान के दागी गई मिसाइलों और ड्रोन्स को हवा में ही तबाह कर दिया।

इजरायली सेना का दावा – ऐरो डिफेंस सिस्टम से ईरानी हमले को किया बेकार ईरानी हमला जारी

अपने जारी बयान में इजरायली सेना ने बताया कि ईरान ने दर्जनों सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागीं लेकिन इजरायली सेना के डिफेंस सिस्टम ने सफलतापूर्वक उन्हें हवा में ही पहचानकर तबाह कर दिया। साथ ही इसमें इजरायल के सहयोगी देशों ने भी मदद की। सोशल मीडिया पर जारी कई वीडियो में इजरायल का ऐरो डिफेंस सिस्टम हवा में ही मिसाइलों को तबाह करता दिख रहा है। ऐसे वीडियो में इजरायल की आसमान में आतिशबाजी जैसा नजारा दिख रहा है।

ईरानी हमला जारी – एकनजर में समझें ऐरो डिफेंस सिस्टम

इजरायल के एयरोस्पेस इंडस्ट्री ने अमेरिका की मिसाइल डिफेंस एजेंसी के साथ मिलकर ऐरो डिफेंस सिस्टम बनाया है। यह सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का सिस्टम है जो इजरायल की हवाई सुरक्षा को सुनिश्चित करता है। इसके निर्माण की शुरुआत साल 1980 में हुई थी। कई सफल परीक्षणों के बाद इसे साल 1990 में सेना में शामिल कर लिया गया। इसमें मिसाइल लॉन्चर, फायर कंट्रोल रडार, लॉन्च कंट्रोल सेंटर और एक बैटल मैनेजमेंट सेंटर शामिल होता है। रडार पहले लंबी दूरी के टारगेट की पहचान करता है और यह एक बार में कई टारगेट को इंटरसेप्ट कर सकता है। ऐरो डिफेंस सिस्टम एक बार में अधिकतम 14 मिसाइलों को निशाना बना सकता है। ऐरो डिफेंस का रडार जब खतरे की पहचान कर लेता है तो रियल टाइम सूचना के आधार पर कंट्रोल सेंटर खतरे की स्पीड और ट्रैजेक्टरी का पता लगाकर मिसाइल लॉन्च करता है। अगर मिसाइल खतरे को नहीं तबाह कर पाती तो 40 मीटर की दूरी पर जाकर अपने आप तबाह हो जाती है। इसकी हाइपरसोनिक स्पीड की वजह से एंटी सैटेलाइट हथियार भी इसके मिसाइल को नहीं पकड़ पाते। ईरानी हमला जारी ईरानी हमला जारी

Bihar Industrial Development: उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने महवल लेदर पार्क...

Bihar Industrial Development: बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने मुजफ्फरपुर स्थित मेगा लेदर,...

JioPC Launch: अब बिना नया कंप्यूटर खरीदे पढ़ाई और AI का...

JioPC Launch: रिलायंस जियो ने छात्रों, स्कूलों, कॉलेजों और स्किल सेंटरों के लिए जियोपीसी (JioPC) सेवा पेश की है। इस क्लाउड आधारित सेवा का...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists: बिहार के डॉ. सरफराज हुसैन लगातार...

Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists, सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के लॉर्ड बुद्धा कोशी फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. डॉ. मो. सरफराज हुसैन ने...