
डिजीटल डेस्क : TRAI यानी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण ने आम लोगों के लिए मोबाइल सेक्टर में खास पहल की है। इसे लेकर भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देशभर में टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन लागू करने का आदेश दिया है। इसके बाद अगर आपके फोन पर कोई अनजान व्यक्ति कॉल करेगा तो उसका नाम रिसीवर के मोबाइल फोन की स्क्रीन पर दिखाई देगा। इस व्यवस्था को धरारत पर उतारने के लिए हरियाणा में ट्रायल भी शुरू किया गया है।
TRAI ने देशभर में मौजूद सभी दूरसंचार कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर रोलआउट करने का निर्देश दिया है। इसके बाद देश में मौजूद मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने इसका ट्रायल शुरू कर दिया है। TRAI ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर को टेस्ट करने के लिए देश के सबसे छोटे सर्कल का चुनाव किया है। इसी के तहत मोबाइल सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर की टेस्टिंग हरियाणा में शुरू करने जा रही हैं। TRAI के निर्देश के बाद कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर की टेस्टिंग हरियाणा में इसी महीने शुरू हो जाएगी।
TRAI के अनुसार, अगर ये ट्रायल सफल होता है तो कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन फीचर देशभर में लागू किया जाएगा। इसके बाद आपको अननॉन नंबर के बारे में जानकारी करने के लिए किसी भी थर्ड पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी।

TRAI के इस पहल से पहले अभी तक मोबाइल यूजर्स को थर्ड पार्टी ऐप ट्रूकॉलर की मदद से कॉलर की जानकारी मिलती थी। उसमें मोबाइल यूजर्स का डेटा लीक होने का खतरा बना रहता है क्योंकि ट्रूकॉलर ऐप इंस्टॉल होने के साथ आपसे कई परमिशन मांगता है, जिसमें मोबाइल में सेव कॉन्टैक्ट, मैसेज और फोटो सहित कई जानकारी मांगते हैं।
अगर किसी के स्मार्टफोन में किसी का नंबर सेव नहीं है और उसके पास कोई अनजान नंबर से कॉल आए तो दिमाग में पहला सवाल यही आता है कि कॉल करने वाला कौन हो सकता है। अगर अक्सर ऐसा होता है तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देशभर में टेलीकॉम कंपनियों को कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन लागू करने का आदेश दिया है।
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