वाराणसी : Seminar on Vote – राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ काशी इकाई द्वारा ‘लोकमत एवं मतदाता’ विषय पर वाराणसी में Seminar (संगोष्ठी) का आयोजन हुआ। इसका शुभारंभ अमिताभ मिश्र के पौराणिक मंगलाचरण से हुआ। विषय प्रवर्तन करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के यूपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दीनानाथ सिंह ने कहा कि जनशक्ति और राजनीति में करीबी संबंध है। राजनीति में लोकमत अहम है। लोकमत बनाना बहुत ही कठिन चुनौती है। उन्होंने कहा कि लोक में सभी का अपना अलग मत होता है और उन्हें एकमत करना कोई आसान काम नहीं होता।
Seminar (संगोष्ठी) में प्रमुख वक्ता विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार ने कहा कि राजनीति अपने आप में उर्जा केन्द्र है। जनशक्ति राजनीति का मूल आधार है। पं. दीन दयाल उपाध्याय के विचारों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि धर्म की स्थापना के लिए कुछ भी करना आवश्यक है। धर्म के दस लक्षण ही हमारी पहचान हैं। विशिष्ट अतिथि इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन के निदेशक प्रोफेसर पीएन सिंह ने कहा कि सभी लोग अधिक से अधिक मतदान करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।

Seminar on Vote :
संगोष्ठी की अध्यक्षता राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. दीनानाथ सिंह ने की। संचालन अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित द्वारा किया गया । संगोष्ठी में प्रो. आशुतोष कुमार, प्रो. अरुण कुमार राय, प्रो. अंजू सिंह, प्रो. बब्बन प्रसाद सिंह, प्रो. एसके सिंह, प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह, प्रो. गरिमा सिंह, प्रो. रामकुमार सिंह, डॉ. प्रतिभा सिंह, डॉ. सुमन सिंह, प्रो. वीरेंद्र कुमार निर्मल, प्रो. रश्मि सिंह, डॉ. शिव प्रसाद पांडेय आदि उपस्थित रहे।
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