रांची: दूरसंचार विभाग ने मार्केटिंग के लिए मोबाइल नंबरों के उपयोग की अनुमति नहीं दी है। इस मामले में विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि अगर कोई उपभोक्ता अपने उत्पाद के प्रचार को लेकर मैसेज भेजने के लिए अपने मोबाइल कनेक्शन का उपयोग करता है तो पहली शिकायत पर उसका कनेक्शन काट दिया जाएगा।
विभाग का कहना है कि ऐसे उपभोक्ता का नाम और पता दो साल की अवधि के लिए काली सूची में डाला जा सकता है।
टेलीमार्केटिंग के लिए मैसेज भेजने का काम सिर्फ पंजीकृत नंबरों से किया जा सकता है। 180 या 140 सीरीज के नंबर से ही टेलीमार्केटिंग के लिए मैसेज भेजने का काम किया जा सकता है।
10 अंकीय मोबाइल नंबर का इस्तेमाल इस काम के लिए नहीं किया जा सकता है और अगर उपभोक्ता 10 अंकीय मोबाइल नंबर से टेलीमार्केटिंग से जुड़े मैसेज पाते हैं तो वे 1909 पर डायल कर इसकी शिकायत कर सकते हैं या डीएनडी (परेशान न करें) सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
हालांकि इन दिनों 10 अंकीय मोबाइल नंबर से काल के जरिये टेलीमार्केटिंग का काम खुलेआम किया जा रहा है और उस पर रोक नहीं लग पा रही है। ऐसे नंबर को उपभोक्ता सिर्फ ब्लाक कर सकता है, लेकिन टेलीमार्केटिंग वाले फिर दूसरे नंबर से मार्केटिंग का काम शुरू कर देते हैं।


















