रांची: इडी कोर्ट में मनी लांड्रिंग के आरोपित ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम की पेशी शनिवार को होगी। यह पेशी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
अदालत ने गुरुवार को 14 दिनों की ईडी रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए एक जून तक के लिए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार भेज दिया गया।
लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद आलमगीर के इस्तीफा को लेकर कोई निर्णय
मंत्री आलमगीर आलम जेल जाने के बावजूद अपने पद पर बने हुए हैं। उन्होंने अभी तक अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है।
इसकी बड़ी वजह सत्तारूढ़ झामुमो और कांग्रेस की तरफ से इस बाबत किसी प्रकार का दबाव नहीं पड़ना है। गठबंधन के प्रमुख नेताओं के चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने के कारण इसपर निर्णय नहीं हो पाया। कांग्रेस आलाकमान से भी इस संबंध में किसी प्रकार का निर्देश प्राप्त नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि चार जून को लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद इस दिशा में निर्णय होगा। इसकी संभावना है कि मंत्री आलमगीर आलम को इस्तीफा देने के लिए निर्देशित किया जाए। हालांकि, आलमगीर आलम को लेकर कांग्रेस नेताओं ने चुनाव के दौरान एकजुटता दिखाई।
खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत भाजपा के स्टार प्रचारकों की सभाओं में आलमगीर आलम निशाने पर रहे, लेकिन कांग्रेस उनके बचाव में दलील देती रही। संताल परगना में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन कांग्रेस नेताओं ने उन्हें ईमानदारी का प्रतीक तक बता दिया।


