Hathras Stampede Follow-up : हाथरस हादसे में छह गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित, फरार भोले बाबा यूपी में ही और पूछताछ को होगा हाजिर

हाथरस/अलीगढ़ : Hathras Stampede Follow-up : हाथरस हादसे में छह गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर एक लाख का इनाम घोषित, फरार भोले बाबा यूपी में ही और पूछताछ को होगा हाजिर। हाथरस भगदड़ मामले में यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरूवार को सत्संग आयोजन समिति से जुड़े छह सेवादारों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस घटना में मुख्य आयोजक सह मुख्य सेवादार की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। गिरफ्तार लोगों में उपेंद्र, मंजू यादव, मुकेश कुमार शामिल हैं। हादसे की जांच में जुटी यूपी पुलिस की विशेष टीम ने फरार बाबा और उसके करीबी सहयोगियों को रडार पर लेते हुए उन पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उनके खिलाफ यथासंभव तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जरूरत पड़ते ही पूछताछ के लिए पुलिस फरार चल रहे भोले बाबा को अपने समक्ष हाजिर कराने की भी तैयारी में जुट गई है।

हादसे के पीछे साजिश के मिले साक्ष्य, सेवादारों – आयोजकों बड़ी लापरवाही मिली

जारी जांच में मिले तकनीकी साक्ष्यों से पुष्ट हुआ है कि सत्संग में भगदड़ के मामले में सेवादारों और आयोजकों की बड़ी लापरवाही रही। दिल दहला देने वाली इस घटना के पीछे साजिश की भी जानकारियां पुष्ट हुई हैं। भगदड़ में लोग रौंदे जाते रहे, लेकिन इस घटना को शुरुआत में छिपाने की कोशिश हुई। अलीगढ़ के आईजी शलभ माथुर ने कहा कि कि भारतीय न्याय संहिता की धारा-105, 110, 126(2), 223 और 238 के अंतर्गत मामले को दर्ज करते हुए जोन स्तर पर सभी जिलों में एसओजी की टीमों को आरोपियों के चिह्नीकरण व गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। साथ ही मौके से मिले साक्ष्यों को विवेचना का हिस्सा बनाया जा रहा है। गिरफ्तार लोगों ने बताया है कि बाबा के चरण रज लेने से काफी कष्ट दूर हो जाते हैं। गिरफ्तार लोगों ने बताया कि सेवादार के रूप में कार्य करते हैं, समिति के अध्यक्ष व सदस्य हैं। विवेचना में अगर बाबा का नाम आता है तो उस बिंदु पर कारवाई होगी। जरूरत पड़ने पर बाबा से पूछताछ की जाएगी। आईजी ने बताया कि मृतकों की संख्या 121 है। सभी शवों की पहचान हो गई है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

सेवादारों ने मौके पर पहुंची सरकारी टीम को शवों को उठाने तक नहीं दिया था

घटनास्थल से जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों से साफ पुष्ट हुआ है कि सेवादारों ने मदद को पहुंची पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य लोगों को शव नहीं उठाने दिए। तब सेवादारों ने उन्हें रोकते हुए कहा कि यह बाबा के आशीर्वाद से सही हो जाएंगे। बाद में व्यवस्था में लगे तमाम सेवादार मौके से भाग गए। घटना मंगलवार को करीब पौने दो बजे घटी थी जहां बाबा का काफिला निकलने के दौरान रज एकत्रित करने को लेकर धक्का-मुक्की और भगदड़ हुई। सेवादार और बाबा के निजी सुरक्षाकर्मियों की धक्का-मुक्की के चलते भगदड़ की रिपोर्ट एसडीएम ने उच्चाधिकारियों को सौंपी है। घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने जांच टीम को बताया कि जब गड्ढे में गिरे लोगों को बचाने के लिए ग्रामीण और पुलिस-प्रशासिक अधिकारी आगे बढ़े तो सेवादारों ने उन्हें शव नहीं उठाने दिए। आईजी शलभ माथुर ने बताया कि मुख्य आरोपी मधुकर पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया है। अब तक की जांच में तकनीकी तौर पर मिले साक्ष्यों से पुष्टि हुई है कि आयोजकों ने पहले भीड़ को रोक लिया था, फिर एक दम लोगों को छोड़ने से यह हादसा हुआ। महिलाएं और बच्चे एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। चरणरज के लिए भीड़ बाबा की गाड़ी के पास थी। हादसे के बाद से फरार भोले बाबा की तलाश में मैनपुरी के आश्रम में तलाशी ली गई लेकि‍न वह नहीं म‍िला। आईजी माथुर ने बताया, “अगर जरूरत पड़ेगी तो नारायण साकार उर्फ भोले बाबा से पूछताछ की जाएगी। एफआईआर के अंदर उनका (नारायण साकार उर्फ भोले बाबा) नाम नहीं है। ज‍िम्मेदारी आयोजक की होती है। आयोजक का नाम एफआईआर में है। आयोजक पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। उनके साथ जो सेवादार थे, जिन्होंने भीड़ को रोकने की कोशिश की और वहां से भाग गए। जिन्होंने पुलिस के साथ सहयोग नहीं किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।”

बाबा के वकीस एपी सिंह बोले – साकार हरि बाबा भागे नहीं, यूपी में ही हैं और बुलाने पर होंगे हाजिर

2 जुलाई को हुए हाथरस हादसे के बाद साकार हरि ने एपी सिंह को अपना अधिवक्ता नियुक्त किया था। 4 जुलाई को अधिवक्ता एपी सिंह अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों से जानकारी ली और फिर मीडिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि बाबा भागे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में ही हैं। पुलिस जब बुलाएगी, तब उनके सामने प्रस्तुत होंगे। उन्होंने कहा कि जो हादसे के बारे में बताना चाहते हैं, वो हमें या एसआईटी को दें, उनकी पहचान को खोला नहीं जाएगा। मामले में दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और निर्दोष को सजा नहीं होनी चाहिए। बाबा के सामने न आने पर उन्होंने कहा कि वह कभी भागेंगे नहीं, वेश नहीं बदलेंगे, बॉर्डर पर नहीं मिलेंगे। इसी उत्तर प्रदेश में हैं और  हमें एसआईटी की जांच पर भरोसा है। चरन धूलि पर उन्होंने कहा कि चरन छूने का चलन बाबा के यहां नहीं है। साथ ही न तो वह दान लेते हैं, ना ही उसकी रसीद देते हैं, सोने-चांदी नहीं चढ़ावा नहीं लिया जाता और बाबा अपने वीआरएस के पैसों और  पेंशन से गुजारा करते हैं।

4 जुलाई को अधिवक्ता एपी सिंह अलीगढ़ के दीनदयाल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायलों से जानकारी ली और फिर मीडिया से भी बात की। उन्होंने कहा कि बाबा भागे नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में ही हैं।
भोले बाबा के वकील एपी सिंह

बाबा के वकील बोले – यूपी सरकार और सीएम योगी पर है पूरा भरोसा

भीड़ अधिक होने के सवाल पर बाबा के वकील एपी सिंह ने कहा कि चुनाव आचार संहिता की अवधि में हिंदू को हिंसक कहा गया, हिंदू को एचआईवी, डेंगू, मलेरिया कहा गया। उसी पर सनातनी श्रद्धालु विचलित थे और अपने धर्मगुरू के पास समाधान को पहुंचने जिसके क्रम में अधिक भीड़ हुई। एपी सिंह ने जोर देकर कहा कि हमें यूपी सरकार, सीएम योगी जी, गृहमंत्री और मीडिया पर पूरा भरोसा है। जब, जहां, जैसी जरूरत होगी, वो सामने आएंगे। उन्होंने दावा किया  कि नारायण साकार हरि का देश में कहीं, कोई आश्रम नहीं है। हादसे में मृतकों के लिए शोक सभा का आयोजन किया जाएगा। सेवादारों ने अनुयायियों को धक्के नहीं मारे, वो कोई असमाजिक तत्व हैं, जिन्होंने ऐसा किया, इसकी जांच होनी चाहिए। साकार हरि अपने वाहन से अलग रास्ते से मंच के पास आते हैं और प्रवचन देकर चले जाते हैं।

सीसीटीवी फुटेज में भगदड़ के बाद बाबा के भागने का मिला वीडियो, जांच शुरू

हाथरस भगदड़ को लेकर एक नया वीडियो सामने आया है जो बाबा के दावों के विपरित नजर आ रहा है। यह वीडियो घटना स्थल के पास का बताए जा रहा है। इसमें बाबा का काफिला दोपहर 1 बजकर 23 मिनट पर निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग इसी समय सत्संग स्थल पर भगदड़ मची थी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो भगदड़ के बाद का है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि पेट्रोल पंप के बाहर बाबा के सेवादार लाइन में खड़े हैं और इसी के बाद वहां से तेजी से वाहन गुजरते हैं। यह वाहन का काफिला ‘भोले बाबा’ का बताया जा रहा है। पुलिस इस वीडियों की तकनीकी जांच में जुटी हुई है।

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