Budget : लोकसभा में केंद्रीय बजट 2024-25 को मंजूरी, राहुल पर निशाना साध वित्त मंत्री बोलीं- राजीव गांधी फाउंडेशन में कितने एससी-एसटी और ओबीसी

डिजीटल डेस्क : Budgetलोकसभा में केंद्रीय बजट 2024-25 को मंजूरी, राहुल पर निशाना साध वित्त मंत्री बोलीं- राजीव गांधी फाउंडेशन में कितने एससी-एसटी और ओबीसी। लोकसभा ने मंगलवार को केंद्र सरकार के 2024-25 के लिए 48.21 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। निचले सदन ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बजट को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इनसे संबंधित विनियोग विधेयक भी सदन की ओर से पारित कर दिया गया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर लंबी चर्चा के बाद जवाब देते हुए राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मंगलवार को लोकसभा में अपने भाषण में कहा कि बजट तैयार करने वाले अधिकारियों और हलवा सेरेमनी में शामिल लोगों की जाति (एससी, एसटी और ओबीसी) के बारे में पूछना समाज को कई वर्गों में बांटने की साजिश है। इसी क्रम में वित्त मंत्री ने सवाल किया कि राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट में कितने एससी-एसटी के लोग रखे गए हैं ?

वित्त मंत्री का सवाल – साल 2013-14 में भी बजट से पहले भी बंटा हलवा, ये इवेंट कब बना ?

हलवा सेरेमनी पर राहुल के हमले पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये हलवा सेरेमनी कब से फोटो इवेंट बन गया? साल 2013-14 में भी बजट से पहले हलवा बांटा गया था। क्या तब किसी ने उनसे पूछा कि उस समय इसमें कितने एससी और एसटी के लोग थे? उन्होंने आगे कहा कि यह सेरेमनी तब से चली आ रही है जब मिंटो रोड पर बजट के पेपर छपा करते थे। तब 9 दिन और 8 रातों तक बजट बनाने में शामिल लोगों को बेसमेंट में रखा जाता था। बजट तैयार शुरू होने से पहले हलवा उन्हीं कर्मचारी द्वारा तैयार किया जाता था। यह भारतीय परंपरा है।  वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि अब 5 दिन और 4 रातों तक वित्त मंत्रालय के अधिकारियों को नॉर्थ ब्लॉक में रखा जाता है। साल 2013-14 के बजट में यह एक फोटो-ऑप बन गया था। आपने तब क्यों नहीं पूछा कि इसमें कितने एससी/एसटी और ओबीसी अधिकारी हैं?

वित्त मंत्री ने अपने पलटवार में राहुल गांधी पर लगाई सवालों की झड़ी, प्रतिपक्ष चुप

बजट पर लंबी चर्चा के बाद जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने राहुल गांधी पर पलटवार के क्रम में सवालों की ऐसी तार्किक झड़ी लगाई कि प्रतिपक्ष मौन ही रहा। वित्त मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर जवाब देते हुए एक घटना का जिक्र किया कि बजट तैयार करने के दौरान अधिकारी जब नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में रह रहे थे, तब दो अधिकारियों को परिवार के सदस्यों की मौत की खबर मिली, लेकिन वे लोग हलवा सेरेमनी पूरा होने तक वहां से बाहर नहीं निकले। लेकिन अब आप लोग बजट तैयार करने वालों की जाति पूछकर लोगों को क्यों बांटना चाहते हैं? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण यहीं नहीं रूकीं। उन्होंने आगे राहुल और कांग्रेस से सवाल करते हुए पूछा कि कांग्रेस की पिछली सरकारें और पंडित जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्री आरक्षण को बड़े आलोचक हुआ करते थे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन और राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट में कितने एससी-एसटी और ओबीसी बिरादरी के कितने के लोग हैं।

वित्त मंत्री बोलीं – इस बजट का लक्ष्य साल 2047 तक विकसित भारत

बजट बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा 2024-25 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद के 4.9 प्रतिशत और 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का प्रस्ताव है। लोकसभा में बजट की चर्चा का जवाब देते उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना है। इस वित्तीय वर्ष में 48.2 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने कहा यह बजट विकसित भारत के लिए है और इसे भौगोलिक विकास के हिसाब से तैयार किया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकसित भारत सरकार का विजन है। इस वित्तीय वर्ष में 48.2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने जा रहा है।

बजट में जिन राज्यों के नाम नहीं लिए, उन्हें भी दिया है पैसा – सीतारमण

विपक्षी दलों के आरोपों पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह साफ कर देना चाहती हूं कि अगर किसी राज्य का बजट में नहीं लिया गया इसका मतलब यह कतई नहीं है कि उस राज्य को पैसे जारी नहीं किए गए। विपक्ष को लोगों के बीच ऐसी गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए। वित्त मंत्री ने बताया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान किस वर्ष के बजट में कितने राज्यों के नाम की चर्चा नहीं की गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट चर्चा का जवाब देते हुए दावा किया कि हम राजकोषीय घाटे को 2025-26 तक 4.5 फीसदी से नीचे लाएंगे। हमने इस साल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय बजट में 17,000 करोड़ रुपये की पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस की लागत के वित्तपोषण के लिए 12,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक भार है जिसे हम अपने कंधों पर लेना चाहते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के पास विकास गतिविधियों पर पैसा खर्च करने के लिए अधिक लचीलापन मौजूद हो। 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता भी प्रदान की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट चर्चा का जवाब देते हुए सदन के प्रत्येक सदस्य को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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