औरंगाबाद : पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के रफीगंज रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर पश्चिम दिशा की ओर स्थित धावा नदी के पास सोमवार की रात्रि रेल कर्मचारी एवं समाजसेवियों द्वारा धावा नदी के समीप रेलवे ट्रैक का पूजन अर्चना कर दो मिनट के लिए लोगों ने मौन व्रत रखा। बता दें कि 22 वर्ष पूर्व नौ सितंबर 2002 को रात्रि लगभग 10:45 के आसपास में राजधानी दुर्घटना ग्रस्त इसी स्थान पर हुई थी। जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। पीडब्ल्यूआई इंचार्ज अनिल कुमार सिंह एवं राम भजन सिंह ने बताया कि उपस्थित लोगों ने धावा नदी ब्रिज के समीप रेल पटरी को पूजा अर्चना कर इस रेल दुर्घटना में मृतक को आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन व्रत रखा।
उन्होंने बताया कि 2002 में राजधानी दुर्घटना हुई थी। जिसमें सैकड़ों लोग इस दुर्घटना में काल के गाल में समा गए थे। यह दुर्घटना की पूर्णावर्ती ना हो। इसीलिए ईश्वर से प्रार्थना की गई और इसको लेकर हमलोगों के द्वारा पूजा अर्चना किया जाता है। कांग्रेस नेता डॉ. तुलसी यादव ने बताया कि यह दुर्घटना में मरे हुए लोगों की आत्मा की शांति हेतु कैंडल जलाकर दो मिनट का मौन व्रत रखा गया। उन्होंने बताया कि नौ सितंबर 2002 को रात्रि करीब 10:45 के आसपास यह घटना हुई थी। जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। इस मौके पर दर्जनों के संख्या में रेलवे अधिकारी और समाज सेवी उपस्थित रहे।
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दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट


