Kolkata के नए पुलिस कमिश्नर बने मनोज कुमार वर्मा, ममता का फैसला

डिजीटल डेस्क : Kolkata के नए पुलिस कमिश्नर बने मनोज कुमार वर्मा, ममता का फैसला। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस कमिश्नर को सरकार ने बदल दिया है। पश्चिम बंगाल के एडीजी लॉ एंड आर्डर मनोज कुमार वर्मा नए पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं।

बीते 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मेडिकल छात्रा के रेप और मर्डर की घटना के बाद से आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों की मांगों को मानते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिरकार कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल को हटा दिया है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में भी चार नई नियुक्तियां हुई है।

प्रदर्शनकारी डॉक्टरों की मांगें ममता ने मानीं, फिर लिया फैसला

राज्य के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के बाद से जूनियर डॉक्टर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से प्रस्तावित चार बैठकें विफल होने के बाद बीते 16 सिंतबर की शाम पांचवी बैठक में कुछ मुद्दों पर सहमति बनने के बाद ये कार्रवाई की गई है।

वहीं राज्य सरकार की तरफ से स्वास्थ्य विभाग में चार नई नियुक्तियां की गई है। गृह सचिव की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक आईपीएस जावेद शमीम को एडीजी कानून व्यवस्था नियुक्त किया गया है। आईपीएस त्रिपुरारी अथर्व को आर्थिक अपराध निदेशालय का निदेशक नियुक्त किया गया है।

अभिषेक गुप्ता को ईएफआर सेकेंड बटालियन का कमांडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। दीपक सरकार को उत्तरी मंडल कोलकाता का उपायुक्त नियुक्त किया गया है।

इसी क्रम में आईपीएस अधिकारी ज्ञानवंत सिंह को खुफिया विभाग में एडीजी और आईजीपी के पद पर नियुक्त किया गया है, जबकि आईपीएस अधिकारी और कोलकाता के वर्तमान पुलिस आयुक्त विनित कुमार गोयल को स्पेशल टास्क फोर्स का अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) नियुक्त किया गया है। राज्यपाल ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है।

कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के बारे में जानिए…

कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर मनोज कुमार वर्मा 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी गिनती तेजतर्रार पुलिस अफसरों में की जाती है। वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पसंदीदा पुलिस अधिकारियों में से एक हैं।

कोलकाता के पुलिस कमिश्नर बनाए जाने से पहले पश्चिम बंगाल पुलिस में एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) के रूप में कार्यरत थे और उससे पहले वह बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर थे और सुरक्षा निदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के पद पर भी काम किया था।

मूल रूप से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रहने वाले आईपीएस मनोज कुमार वर्मा की पोस्टिंग एसपी के रूप में साल 2009 में माओवाद प्रभावित जिला मिदनापुर में हुई थी। उस समय ये ऐसा जिला था, जहां काम करने के नाम पर ही पुलिसकर्मियों की हालत खराब हो जाती थी।

हालांकि मनोज वर्मा ने बिना डरे माओवादियों से लोहा किया और कई सफल ऑपरेशन चलाए। मिदनापुर में माओवादियों के खिलाफ उनकी रणनीति काफी कारगर साबित हुई थी।

आईपीएस मनोज कुमार वर्मा को साल 2017 में पश्चिम बंगाल में ट्रैफिक हेडक्वार्टर के पुलिस महानिरीक्षक के रूप में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा जब वह बैरकपुर में पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात थे, तब सीएम ममता बनर्जी ने भी उन्हें मुख्यमंत्री पुलिस मेडल से सम्मानित किया था।

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