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गया में एक ऐसा मंदिर जहां मिलती है कोर्ट कचहरी से मुक्ति

गया : यूं तो पूरे देश और दुनिया में हजारों लाखों देवी देवताओं की मंदिर है जहां लोग अपने कष्ट निवारण सुख समृद्धि के लिए पूजा करते हैं और मन्नतें मानते हैं। बिहार के गया जिले में एक ऐसा देवी का मंदिर है जहां लोग न सिर्फ सुख समृद्धि के लिए मन्नते मांगते हैं और पूजा करते हैं बल्कि यहां पुराने से पुराना कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों का भी यहां निवारण हो जाता है। उनकी मनोकामना पूर्ण होती है और वह कोर्ट कचहरी से उनको मुक्ति मिल जाती है।

गया शहर के बंगला स्थान में माता बगलामुखी का प्राचीन मंदिर है यह मंदिर सैकड़ो साल पुराना है। यहां माता के बगलामुखी प्रतिमा है जो की अष्टधातु की है। इस मंदिर से भक्तों की आस्था जुड़ी है यहां लोग मन्नते मांगने आते हैं। उनका विश्वास है कि यहां मांगी गई मन्नत पूरी होती है। यहां कोर्ट कचहरी केस मुकदमा जमीन जायदाद जैसे मामलों में माता की पूजा से फायदा होता है। यदि माता बगलामुखी मंदिर में कोर्ट कचहरी से संबंधित मुकदमा के संबंध में मन्नत रखी जाए तो वह अवश्य पूरी हो जाती है।

बांग्ला स्थान में माता बगला देवी की प्रतिमा बगलामुखी में है। यह प्रतिमा अष्टभुजा की है और यहां के प्रसिद्ध दूर-दूर तक है। यहां भक्त दूसरे राज्यों से भी पूजा करने और मन्नत मांगने आते हैं। बताते हैं कि कि हम कई सालों से यहां पूजा पाठ करने के लिए आते हैं हमारी जो भी मन्नते हैं। वह पूरी होती है खास कर यहां कोर्ट कचहरी जमीन जायदाद केस मुकदमे में जीत के लिए भी मुराद लेकर काफी संख्या में दूर दराज से भक्त यहां पहुंचते हैं। वही जो भी मन्नते मांगते हैं वह अवश्य पूरा होता है और उनकी कोर्ट कचहरी में जीत हो जाती है। वहीं शादी विवाह नौकरी चाकरी में भी जो मन से पूजा करते है वह भी पूरी हो जाती है।

वहीं यहां के जानकार व मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यह मंदिर 100 साल से भी पुराना है यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां लोग पूजा पाठ तो करते ही हैं। यहां कोर्ट कचहरी जमीन जायदाद से भी छुटकारा मिलता है। इस बगलामुखी की आराधना पीला फूल, पीले वस्त्र,पिला प्रसाद, पीला माला, पीला आसन, पीला सरसों और हल्दी से की जाती है 10 महाविद्या में देवी को पावर है।

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बगलामुखी 10 महाविद्या की आठवीं देवी है, 10 महाविद्या जो होती है वह पार्वती की ही एक विग्रह होती है। जो भगवान शंकर के क्रोध को शांत करने के लिए अलग-अलग हिस्सा में बांट लिया था, जो आठवीं दिशा में बगलामुखी थी। बगलामुखी शत्रु संघहरानी के रूप में है। इसमें किसी भी प्रकार का वाद विवाद हो उनके लिए बांग्ला मुक्ति देवी उनकी उपासना बड़ा लाभकारी होता है। इसके लिए उन्हें हल्दी से यहां हवन कराया जाता है। उसके लिए बड़ा फायदा होता है, यहां सबसे पहले बगलामुखी शस्त्र दल ब्रह्मास्त्र यंत्र की स्थापना हुई थी। उसके बाद बांग्ला स्थान के प्रतिमा, शिव परिवार और हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित हुई थी। यहां गया के लोग ही नही बल्कि भारत से लोग भी यहां मां की साधना के लिए आते हैं।

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आशीष कुमार की रिपोर्ट

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