रांची में 1 अक्टूबर से बिना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन वाले घरेलू LPG कनेक्शन की रिफिल बुकिंग प्रभावित होगी। जानें KYC का तरीका और जरूरी नियम।
LPG KYC रांची: घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से नई व्यवस्था लागू हो रही है। जिन उपभोक्ताओं ने बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उनकी घरेलू गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग रोकने का निर्देश दिया गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से रांची समेत झारखंड के सभी संबंधित डीलरों को इस संबंध में निर्देश भेजे गए हैं। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन दोनों पर लागू होगी।
रांची में करीब 8 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन हैं। इनमें से करीब 77 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी करा लिया है, जबकि लगभग 23 प्रतिशत उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी अभी लंबित है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार करीब 1.84 लाख उपभोक्ताओं को रिफिल बुकिंग में परेशानी हो सकती है।
LPG KYC: LPG e-KYC क्यों किया गया अनिवार्य
तेल कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन के वास्तविक लाभुक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों के अनुसार अभी भी कई कनेक्शन ऐसे लोगों के नाम पर दर्ज हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम पर कनेक्शन का इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है।
ऐसे कनेक्शनों की पहचान होने से एलपीजी सिलेंडर की अनियमित बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। ई-केवाईसी के माध्यम से कनेक्शनधारक की पहचान का सत्यापन किया जाएगा।
Key Highlights
- 1 अक्टूबर से बिना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन वाले कनेक्शन की रिफिल बुकिंग प्रभावित होगी।
- यह व्यवस्था उज्ज्वला और सामान्य घरेलू LPG कनेक्शन दोनों पर लागू होगी।
- रांची में करीब 8 लाख घरेलू LPG कनेक्शन हैं, जिनमें करीब 23 प्रतिशत का ई-केवाईसी लंबित है।
- उज्ज्वला लाभुकों को बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए गैस एजेंसी जाना होगा।
- कनेक्शनधारक की मृत्यु होने पर केवल ई-केवाईसी से नाम ट्रांसफर नहीं होगा, इसके लिए गैस एजेंसी में निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
LPG KYC: उज्ज्वला और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम
उज्ज्वला योजना के लाभुकों को सामान्य घरेलू सिलेंडर की बुकिंग दोबारा शुरू कराने के लिए इंडेन गैस एजेंसी में जाकर बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। ई-केवाईसी लंबित रहने की स्थिति में उन्हें 5 या 10 किलो का फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर लेने का विकल्प भी दिया जाएगा।
वहीं सामान्य घरेलू गैस उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी पूरा कर सकते हैं। इसके बाद सामान्य घरेलू सिलेंडर की बुकिंग जारी रखी जा सकेगी। दूसरा विकल्प निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहमति देकर बाजार मूल्य पर बिना सब्सिडी वाला 5 या 10 किलो का फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर लेना है।
LPG KYC: कनेक्शनधारक की मृत्यु होने पर केवल KYC से नहीं बदलेगा नाम
यदि किसी एलपीजी कनेक्शनधारक की मृत्यु हो चुकी है या कनेक्शन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर इस्तेमाल किया जा रहा है, तो सिर्फ ई-केवाईसी कराने से कनेक्शन के नाम में बदलाव नहीं होगा।
ऐसे मामलों में संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर कनेक्शन का ट्रांसफर या नाम में बदलाव कराना होगा। इसके लिए पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी समेत निर्धारित अन्य दस्तावेज जमा करने होंगे।

















